सम्राट चौधरी तो बेवजह बदनाम हो रहे हैं, लालू परिवार की सुरक्षा और बंगले पर असल राजनीति तो कोई और कर रहा है.....
आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव से कुछ मीडियाकर्मियों ने सुरक्षा और आवास को लेकर जब सवाल पूछा तो उन्होंने कहा कि हां, हमारी सुरक्षा हटा ली गई है और यह सब कुछ नीतीश कुमार करवा रहे हैं।
बीते एक महीने से बिहार की राजनीति गर्म है। लालू परिवार की सुरक्षा और सरकारी बंगले का विवाद अब भी थमने का नाम नहीं ले रहा है। आरजेडी के नेता और समर्थक बंगला और सुरक्षा के मुद्दे को लेकर लगातार बिहार सरकार और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर बदले की राजनीति का आरोप लगाते रहे हैं लेकिन इसके पीछे सम्राट चौधरी नहीं बल्कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी आरोप लगने लगे हैं। लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार द्वारा साफ तौर पर कहा जा रहा है कि इसके पीेछे नीतीश कुमार हैं।
आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव से कुछ मीडियाकर्मियों ने सुरक्षा और आवास को लेकर जब सवाल पूछा तो उन्होंने कहा कि हां, हमारी सुरक्षा हटा ली गई है और यह सब कुछ नीतीश कुमार करवा रहे हैं। कुछ दिन पहले जब लालू प्रसाद यादव सिंगापुर से लौट कर भारत आ रहे थें तो दिल्ली एयरपोर्ट पर सुरक्षा कम करने और आवास खाली करने के नोटिस के मसले पर उन्होंने कहा कि सब पागल हो गए हैं। घृणा कर रहे हैं। मुझे उन लोगों से कोई फर्क नहीं पड़ता।
इसके बाद लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव ने भी इस विवाद के लिए पूर्व सीएम नीतीश कुमार को जिम्मेदार ठहराया है। तेजप्रताप यादव जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। तेजप्रताप यादव ने अपने पिता के सुर में सुर मिलाते हुए कहा है कि दिल्ली में बैठ कर नीतीश कुमार करवा रहे होंगे। उनका काम ही क्या है ? तेजप्रताप ने कहा कि पिताजी जो कह रहे हैं तो सच ही होगा। नीतीश कुमार ऐसा कर रहे होंगे। खेल रच रहे होंगे क्योंकि वो शुरु से खेल ही रचते आए हैं।
जब मीडिया ने तेजप्रताप से पूछा कि क्या लालू परिवार से बदला लिया जा रहा है तो उन्होंने कहा कि बदला लिया जा रहा है या नहीं, ये तो नीतीश कुमार ही बताएंगे कि बदला ले रहे हैं कि क्या कर रहे हैं। तेजप्रताप यादव ने इसी बहाने नीतीश कुमार के बेटे और बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार भी निशाना साधा और कहा कि नीतीश कुमार का बेटा कुछ भी नहीं था फिर भी सुरक्षा बढ़ाई गई। तेजप्रताप ने सवालिया अंदाज में पूछा कि निशांत कुमार क्या चुनाव लड़े थें ? चुनाव लड़ जाते तब न कहते कि हां उनको सुरक्षा मिली है। तेजप्रताप यादव ने यह भी कहा कि हमलोगों ने अपनी सुरक्षा वापस कर दी है। अपनी सुरक्षा अपने घर ले जाइए।
उधर सुरक्षा और बंगला विवाद के बीच बिहार पुलिस ने भी अपना पक्ष सामने रखा है। बिहार पुलिस ने लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की सुरक्षा को लेकर सफाई जारी किया है। बिहार पुलिस ने बताया है कि लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी को सुरक्षा के लिए अंगरक्षक, आवास के लिए गार्ड, स्कॉड गार्ड उपलब्ध करवाया गया है। बिहार पुलिस ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए यह साफ किया है कि दोनों ही नेताओं की सुरक्षा का स्तर कम नहीं किया गया है बल्कि नियमित समीक्षा के आधार पर सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव किया गया है।
बिहार पुलिस के अनुसार नई सुरक्षा व्यवस्था के तहत पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव एवं बिहार विधान परिषद में विपक्ष की नेता राबड़ी देवी को बुलेट प्रूफ कार, पायलट गाड़ी और बिहार स्पेशल आर्म्ड पुलिस के गार्ड उपलब्ध कराए गए हैं। इतना ही नहीं बल्कि स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप एक्ट 2010 के प्रावधानों का हवाला देते हुए बैलिस्टिक रेसिस्टेंट कार भी उपलब्ध कराने की बात कही है। अब सवाल यह उठता है कि जब सच में इतने सारे सुरक्षा के इंतजाम लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी के लिए किए गए हैं तो विवाद क्यों हो रहा है।
इस बात में कहीं कोई दो राय नहीं है कि आज भी लालू प्रसाद यादव बिहार के राजनीति के लोकप्रिय खिलाड़ी हैं। बिना लालू प्रसाद यादव का नाम लिए राज्य में भााजपा, जेडीयू का काम नहीं चलता। आज भी बिहार की राजनीति लालू प्रसाद यादव के इर्द गिर्द ही चलती है। सत्ता आती जाती रहती है और राजनीति में उतार चढ़ाव लगा रहता है। ऐसे में लालू प्रसाद यादव हो या राबड़ी देवी, उनकी सुरक्षा में कोई कोताही नहीं होनी चाहिए। सरकार किसी की भी हो, विपक्ष के नेता हो या फिर आम जनता सबकी सुरक्षा का प्रबंध होना ही चाहिए।
इन सबसे उपर सबसे बड़ी बात जो लालू प्रसाद यादव ने कही है कि यह सब कुछ नीतीश कुमार के इशारे पर हो रहा है। लालू प्रसाद यादव के आरोपों को हल्के में नहीं लिया जा सकता। लालू प्रसाद यादव और नीतीश कुमार ने एक साथ ही राजनीतिक सफर शुरु किया था। लंबे समय तक दोनों साथ ही रहे हैं। नीतीश कुमार की राजनीति और उनके रग रग से लालू प्रसाद यादव वाकिफ हैं। ऐसे में लालू के आरोपों को गंभीरता से लिया जा रहा है। हालांकि एक तथ्य यह भी है कि नीतीश कुमार जब तक सीएम रहें तब तक कभी भी लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की सुरक्षा व्यवस्था और आवास से कोई छेड़छाड़ नहीं हुआ जबकि लंबे समय तक नीतीश कुमार मुख्यमंत्री के साथ ही गृहमंत्री का दायित्व भी निभा रहे थें।
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