बिहार में फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाने पर 01 करोड़ तक का लोग, 10 लाख तक अनुदान....

ऐसे उद्यमी जो पारंपरिक रुप से खाद्य निर्माण क्षेत्र से जुड़े हैं लेकिन पूंजी और संसाधानों के अभाव में अपने बिजनेस को आगे नहीं बढ़ा पा रहे हैं, उन्हें प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना के तहत क्षमता विस्तार के लिए 01 करोड़ रुपये तक का लोन दिया जाएगा। वहीं फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में नया उद्योग लगाने वाले उद्यमियों को भी 01 करोड़ रुपये तक का लोन दिया जाएगा।

May 20, 2026 - 19:07
May 20, 2026 - 19:17
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बिहार में फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाने पर 01 करोड़ तक का लोग, 10 लाख तक अनुदान....

अरवल जिला उद्योग केंद्र ने फूड प्रोसेसिंग से जुड़े उद्योग स्थापित करने के लिए प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना के तहत आवेदन मांगे हैं। इच्छुक उद्यमी ऑनलाइन माध्यम से इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। 

ऐसे उद्यमी जो पारंपरिक रुप से खाद्य निर्माण क्षेत्र से जुड़े हैं लेकिन पूंजी और संसाधानों के अभाव में अपने बिजनेस को आगे नहीं बढ़ा पा रहे हैं, उन्हें प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना के तहत क्षमता विस्तार के लिए 01 करोड़ रुपये तक का लोन दिया जाएगा। वहीं फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में नया उद्योग लगाने वाले उद्यमियों को भी 01 करोड़ रुपये तक का लोन दिया जाएगा। 

प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना के तहत विनिर्माण और सेवा क्षेत्र में नए उद्योग लगाने के लिए हर वर्ग के उद्यमियों को 35 फीसदी या अधिकतम 10 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा। 

उद्योग विभाग के अधिकारियों के अनुसार इस योजना का उद्देश्य सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को तकनीकी, वित्तीय और विपणन की मदद प्रदान करना है ताकी उद्यमी अपने उत्पादों की क्वालिटी को और ज्यादा बेहतर कर इसे भारतीय और विदेशी बाजारों तक पहुंचा सकें। 

आप प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना के तहत ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए पोर्टल खुला है। आप अपने आधार कार्ड, पैन कार्ड, फोटो, प्रोजेक्ट रिपोर्ट, जाति प्रमाण पत्र, तकनीकी प्रमाण पत्र और शैक्षणिक प्रमाण पत्र के साथ आवेदन कर सकते हैं। 

आवेदन के दौरान आपको अपने किसी नजदीकी बैंक ब्रांच का चयन होगा। लोन स्वीकृत होने के बाद मार्जिन मनी सीधे आपके खाते में ट्रांसफर की जाएगी। इस योजना के तहत 10 लाख रुपये तक के किसी प्रोजेक्ट के लिए किसी भी प्रकार की कोई गारंटी नहीं देनी होगी। 

इस योजना के अंतर्गत दूध से बने प्रोडक्ट, रबर प्रोडक्ट, हस्तशिल्प, टेक्सटाइल आधारित उद्योग, मसाला उद्योग, पापड़, चूड़ा, गुड़, पोहा, बेकरी, डेयरी, पोल्ट्री, मछली पालन, मधुमक्खी पालन, टोकरी निर्मासा आदि शामिल हैं जबकि सेवा क्षेत्र में ऑटो रिक्शा, ब्यूटी पार्लर, कंप्यूटर ट्रेनिंग सेंटर और वर्कशॉप जैसे कारोबार भी योजना के तहत आते हैं। 

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SIMRANJEET SINGH Diploma in media studies ( Ranchi ),8 years experience in news media, Political Expert Chief editor in Bihar News