बिहार में बिजली के स्मार्ट मीटर पर नया नियम लागू, अब आपकी मर्जी पर निर्भर....प्रीपेड या पोस्टपेड
बता दें कि पहले बिजली के स्मार्ट मीटर को प्रीपेड मोड में रखना अनिवार्य किया गया था लेकिन सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी के नियमों में संशोधन के बाद 01 अप्रैल 2026 से इस नियम में बदलाव कर दिया गया है। अब यह उपभोक्ताओं पर निर्भर है कि वो अपने स्मार्ट मीटर को किस मोड में चलाना चाहते हैं। उपभोक्ता अपनी सुविधानुसार प्रीपेड या पोस्टपेड का विकल्प चुन सकते हैं।
बिहार के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक अच्छी खबर है। सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी के नवीन संशोधन के उपरांत राज्य के विद्युत उपभोक्ताओं को अब अपनी मर्जी से यह चुनने का अधिकार मिल गया है कि वो स्मार्ट मीटर को किस तरह से चलाना चाहते हैं। अगर वो चाहें तो प्रीपेड भी चला सकते हैं और पोस्टपेड भी।
बता दें कि पहले बिजली के स्मार्ट मीटर को प्रीपेड मोड में रखना अनिवार्य किया गया था लेकिन सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी के नियमों में संशोधन के बाद 01 अप्रैल 2026 से इस नियम में बदलाव कर दिया गया है। अब यह उपभोक्ताओं पर निर्भर है कि वो अपने स्मार्ट मीटर को किस मोड में चलाना चाहते हैं। उपभोक्ता अपनी सुविधानुसार प्रीपेड या पोस्टपेड का विकल्प चुन सकते हैं।
पोस्टपेड और प्रीपेड मोड में आपको अंतर समझा देते हैं। पोस्टपेड मोड में पहले बिजली का उपयोग होता है और माह के आखिरी में बिजली का बिल भरा जाता है। यहां यह जानना जरुरी है कि बिजली बिल बकाया हो जाने के बाद चक्रवृद्धि ब्याज भी देना पड़ता है। प्रीपेड मीटर में पहले मीटर रिचार्ज किया जाता है। इसमें पेमेंट करना आसान होता है। आपके बिल की सही जानकारी और तमाम डिटेल मिल जाती है।
प्रीपेड मीटर और पोस्टपेड मीटर में एक बड़ा फर्क यह होता है कि प्रीपेड मीटर में पोस्टपेड मीटर की तुलना में 25 पैसे प्रति यूनिट बिजली सस्ता मिलता है। प्रत्येक रिचार्ज पर 03 फीसदी का अतिरिक्त लाभ और दिन के समय में 20 फीसदी तक सस्ती बिजली मिलती है। प्रीपेड मीटर में अगर कोई भी उपभोक्ता 2000 रुपये से ज्यादा का बैलेंस रखते हैं तो उन्हें ब्याज भी मिलता है।
विद्युत विभाग के मुताबिक स्मार्ट मीटर सिर्फ बिजली के उपयोग को मापने का यंत्र मात्र है। यह बिजली की दरें तय नहीं करता। बिजली की दरें राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा तय की जाती है। विभाग हमेशा कहता है कि विद्युत उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार के भ्रम या अफवाह का शिकार नहीं होना चाहिए। स्मार्ट मीटर बचत भी करता है और यह हर मामले में पारदर्शी भी है।
स्मार्ट मीटर से उपभोक्ताओं को कई प्रकार के फायदे हैं। इसमें आप हमेशा अपने बिजली खपत की जानकारी से अपडेट होते रहते हैं। आप इसमें मोबाइल से भी भुगतान की सुविधा प्राप्त करते हैं। यह आपको लंबी लाइनों से मुक्ति दिलाता है। सोलर पैनल के साथ सामंजस्य और बिल्कुल सही बिलिंग जैसी नई सुविधाएं मिलती है। गलत बिल और मीटर रीडर के इंतजार से आपको छुटकारा मिल जाता है।
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