बिहार में इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर मिलेगी सरकार की ओर से सब्सिडी......01 जून से लागू होगा नया नियम.....
बिहार सरकार की इस नई नीति का उद्देश्य राज्य में प्रदूषण कम करना है और पेट्रोल डीजल निर्भरता को सीमित करना है। महिलाओं के लिए विशेस सब्सिडी का प्रावधान करना महिला सशक्तिरण के कदम में एक और ठोस पहल होगी।
Bihar EV Subsidy: पेट्रोल डीजल के दामों में बेतहाशा महंगाई देखने को मिल रही है। हर दो चार दिन पर सुबह सुबह खबर आती है कि पेट्रोल और डीजल के दामों में वृद्धि कर दी गई है। जिनके पास कार, बाइक और स्कूटर है, उनके लिए यह खबर अच्छी नहीं होती। ऐसे में इलेक्ट्रिक वाहन ही आज की तारीख में एकमात्र श्रेष्ठ और सुरक्षित विकल्प बनता जा रहा है।
ऐसे में बिहार सरकार राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन देने के लिए एक बड़ी शुरुआत करने जा रही है। इसके तहत 01 जून 2026 से नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2026 लागू किया जा रहा है। 01 जून 2026 से बिहार में इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद करने पर महिलाओं को स्पेशल सब्सिडी दी जाएगी। बिहार सरकार की इस नई नीति का उद्देश्य राज्य में प्रदूषण कम करना है और पेट्रोल डीजल निर्भरता को सीमित करना है। महिलाओं के लिए विशेस सब्सिडी का प्रावधान करना महिला सशक्तिरण के कदम में एक और ठोस पहल होगी।
आपको बता दें कि सरकार की इस नई नीति के तहत बिहार की महिलाओं को इलेक्ट्रिक कार, बाइक या स्कूटी खरीदने के लिए अच्छी खासी सब्सिडी दी जाएगी। अगर कोई महिला इलेक्ट्रिक कार खरीदती है तो उसे 01 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी। वहीं अगर कोई महिला इलेक्ट्रिक स्कूटी, स्कूटर या बाइक खरीदती है तो उसे 12 हजार रुपये तक का अनुदान प्राप्त होगा। सरकार का कहना है कि इस प्रावधान से बिहार की महिलाएं आर्थिक रुप से मजबूत होंगी और उन्हें आत्मनिर्भर बनने में सहायता मिलेगी।
अब ऐसे में सवाल उठता है कि गाड़ियों का इस्तेमाल तो महिलाओं की अपेक्षा पुरुष ज्यादा करते हैं तो उनके लिए सरकार की नीति में क्या प्रावधान किए गए है ! तो आपका बता दें कि पुरुषों के लिए सीमित रुप से लेकिन प्रावधान उनके लिए भी किया गया है। अगर सामान्य वर्ग का कोई पुरुष इलेक्ट्रिक बाइक खरीदता है तो उसे 10 हजार रुपये की सब्सिडी दी जाएगी। इलेक्ट्रिक कार खरीदने पर पुरुषों को किसी भी प्रकार की कोई सब्सिडी का प्रावधान नहीं किया गया है।
ऐसा नहीं है कि सरकार का फोकस सिर्फ इलेक्ट्रिक कार, बाइक या स्कूटर पर ही है। बिहार सरकार की नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति में इलेक्ट्रिक माल ढोने वाले थ्री व्हीलर को भी शामिल किया गया है। इसमें सामान्य वर्ग की महिलाओं को 50 हजार रुपये की सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। अनुसूचित जाति और जनजाति से आने वाली महिलाओं को इलेक्ट्रिक थ्री व्हीलर खरीदने पर साठ हजार रुपये का अनुदान प्राप्त होगा। यह महिलाओं के लिए स्वरोजगार के क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम होगा। व्यापारिक क्षेत्र के लिए यह योजना काफी लाभदायक साबित होगी।
इतना ही नहीं बल्कि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमतों में कमी करने के लिए मोटर वाहन टैक्स में काफी रियायत दी गई है। बिहार में रजिस्टर्ड सभी इलेक्ट्रिक वाहनों पर पचास फीसदी तक टैक्स में छूट दी जाएगी। इससे खरीद की लागत काफी हद तक कम हो जाएगी।
अगर आवेदन प्रक्रिया की बात करें तो पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से होगी। सब्सिडी का लाभ देने के लिए आवेदन प्रक्रिया को डिजिटल बनाने का काम शुरु है। सरकार की मंशा है कि लोगों को इस सब्सिडी योजना का लाभ लेने के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़े। इसके लिए राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र यानी एनआईसी एक ऑनलाइन पोर्टल तैयार कर रहा है। 01 जून से इस पोर्टल के जरिए ऑनलाइन आवेदन शुरु हो जाएगा।
इस सब्सिडी को हासिल करने के लिए सरकार की ओर से कुछ नियम,शर्ते और दस्तावेज भी तय किए गए हैं। सबसे पहला नियम और शर्त यह है कि गाड़ी खरीदने वाला यानी आवेदक बिहार का नागरिक होना चाहिए। कोई भी इलेक्ट्रिक वाहन बिहार से ही खरीदना अनिवार्य होगा। आरक्षित वर्ग से आने वाले आवेदकों को अपना जाति प्रमाण पत्र भी जमा करना होगा। वहीं दस्तावेजों में बैंक पासबुक, वाहन आरसी और मोबाइल नंबर जैसी जानकारी देना भी जरुरी होगा।
बिहार सरकार की इस नीति की वजह से राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग बढ़ने की संभावना व्यक्त की जा रही है। इससे महिलाओं को विशेष रुप से फायदा होने की बात कही जा रही है। इससे उनकी हिस्सेदारी भी बढ़ेगी और चाहे शहरी क्षेत्र अथवा ग्रामीण क्षेत्र, हर जगह इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद बिक्री बढ़ेगी। सरकार का मानना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रयोग से पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता कम होगी। इससे पर्यावरण संरक्षण भी होगा और प्रदूषण भी कम होगा।
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