जन्म प्रमाण पत्र के लिए अब भटकना बंद, हॉस्पिटल से डिस्चार्ज होते ही मिल जाएगा सर्टिफिकेट
नई व्यवस्था के तहत अब परिजनों को अलग से आवेदन नहीं करना होगा। बच्चे का जन्म होते ही अस्पतालों में ऑनलाइन एंट्री हो जाएगी। वहीं से बर्थ सर्टिफिकेट मिल जाएगा।
Birth Certificate Bihar जल्द ही वो दौर समाप्त हो जाएगा जब बच्चे के जन्म के बाद परिजनों को जन्म प्रमाण पत्र यानी बर्थ सर्टिफिकेट के लिए सरकारी बाबूओं के चक्कर काटने पड़ते थें। बिहार सरकार ने अब प्रसूती के डिस्चार्ज होने के पहले ही जन्म प्रमाण पत्र अस्पताल में ही तैयार करने की व्यवस्था कर दी है। यह व्यवस्था राज्य के सरकारी अस्पतालों में बच्चे को जन्म देने वाली माताओं के लिए है।
बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों को इस बाबत निर्देश जारी कर दिया है। अस्पताल प्रभारियों को साफ तौर पर निर्देशित कर दिया गया है कि किसी भी प्रसूता को डिस्चार्ज करने से पहले बच्चे का बर्थ सर्टिफिकेट बनाना आवश्यक होगा।
सरकार के जन्म एवं मृत्यु निबंधन में भी लिखित में आदेश जारी किया है कि समय पर बच्चों के जन्म का पंजीकरण हो जाना चाहिए। इसके साथ ही सरकारी अस्पतालों में आने वाली महिलाओं को जागरुक भी करना है और बताना है कि बर्थ सर्टिफिकेट का क्या महत्व है और भविष्य के लिए यह कितना जरुरी है।
नई व्यवस्था के तहत अब परिजनों को अलग से आवेदन नहीं करना होगा। बच्चे का जन्म होते ही अस्पतालों में ऑनलाइन एंट्री हो जाएगी। वहीं से बर्थ सर्टिफिकेट मिल जाएगा।
बर्थ सर्टिफिकेट यानी जन्म प्रमाण पत्र आज की तारीख में सबसे अहम दस्तावेज है। स्कूलों में एडमिशन, सरकारी योजनाओं का लाभ और आधार कार्ड बनवाने के लिए जन्म प्रमाण पत्र देना अब अनिवार्य है। पहले बर्थ सर्टिफिकेट बनवाने में माता पिता के पसीने छूट जाते थें। नई व्यवस्था से काफी राहत मिलेगी।
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