दो पासवानों की लड़ाई में फंसे तेजस्वी, कारण कुछ और है !
बिहार की राजनीति गरम है। " बेचारा " शब्द को लेकर चिराग पासवान की पार्टी लोजपा रामविलास के तेवर तल्ख हैं। बयान दिया है राजद विधायक कुमार सर्वजीत ने और निशाने पर तेजस्वी यादव हैं।
बिहार में इस समय " बेचारा " शब्द चर्चा में है। बेचारे शब्द की वजह से तेजस्वी यादव मुर्दाबाद के नारे लग रहे हैं। मजेदार बात तो यह है कि 04 दिन के बाद चिराग पासवान की पार्टी को यह समझ में आया कि रामविलास पासवान जी का अपमान हो गया है। धरना, प्रदर्शन हुआ, पुतला दहन हुआ, विधानसभा में हंगामा हुआ !
अब इस मामले की पूरी पड़ताल करते हैं। यह सच है कि केंद्र और बिहार की सत्ता में हिस्सेदार बनने के बावजूद चिराग पासवान थोड़ी बेचैनी में हैं।
रामविलास पासवान को बेचारा कहा राजद के विधायक कुमार सर्वजीत ने। कुमार सर्वजीत खुद पासवान जाति से आते हैं। मगध क्षेत्र के बोधगया से आते हैं।
पासवान समाज के बड़े नेता रामविलास पासवान...उनको बेचारा कहने वाले कुमार सर्वजीत भी पासवान नेता, मोर्चा खोले बैठे चिराग पासवान...तो पासवानों के आपसी द्वंद्व में तेजस्वी यादव के मुर्दाबाद के नारे लगने की वजह बेमानी है।
इस बार बिहार में एनडीए की प्रचंड जीत की सुनामी में भी कुमार सर्वजीत अपनी सीट बचाने में कामयाब हो गए। कुमार सर्वजीत को राजद ने सदन की आगे की सीट दी है। पासवान समाज से आने वाले कुमार सर्वजीत ने ही राजद की ओर से बजट पर चर्चा शुरू की।
एक पासवान नेता को आगे करना किसी भी हाल में चिराग पासवान और उनकी पार्टी लोजपा रामविलास को रास नहीं आ रही।
हाल के दिनों में राजद के पासवान विधायक कुमार सर्वजीत दलितों के मसले पर विधानसभा में काफी मुखर नजर आएं। दलितों से जुड़े मामलों पर वो सरकार को लगातार घेर रहे हैं। तेजस्वी यादव की ओर से उन्हें पूरी छूट मिली हुई है।
लोजपा रामविलास को यह पसंद नहीं आता होगा। यही वजह है कि कुमार सर्वजीत के बयान के खिलाफ चिराग पासवान की पार्टी ने हमला बोल दिया है। सर्वजीत के बहाने प्रहार तेजस्वी यादव पर भी किया जा रहा है। तेजस्वी यादव मुर्दाबाद के नारे लगाए जा रहे हैं। लोजपा के द्वारा तेजस्वी को फेलस्वी कहा जा रहा है।
उधर कुमार सर्वजीत भी अपने बयान और स्टैंड से एक इंच पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। वो साफ तौर पर कह रहे हैं कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं कहा है। पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि रामविलास पासवान के निधन के बाद जब उनका सरकारी आवास 12 जनपथ खाली करवाया जा रहा था, जब उनकी मूर्ति तोड़ी जा रही थी, तब आप लोगों की जुबान बंद क्यों थी ?
दरअसल देश की राजनीति में इन दिनों जाति की चर्चा तेज हो चली है। यूजीसी के नए एक्ट के बाद भारतीय समाज सीधे दो भागों में बांटता हुआ दिखाई दे रहा है। एनडीए नेताओं की चुप्पी की वजह से दलितों में नाराजगी दिख रही है। यह लोजपा रामविलास और चिराग पासवान के लिए अच्छी खबर नहीं है।
उधर दरभंगा के हरिपुर में पासवान समाज और ब्राह्मण समाज के बीच हुई घटना की वजह से चिराग पासवान के स्टैंड से दलित समाज नाखुश दिखाई दे रहा है। चिराग पासवान की पार्टी के कैडर और परंपरागत वोटर भी सोशल मीडिया पर नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं।
ऐसे में यह पूरी कवायद दलित वोटरों को अपने पाले में लाने की है।
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