बिहार में बदला जमीन नापी और दाखिल- खारिज का नियम, जारी हुआ सर्कुलर
राज्य के उपमुख्यमंत्री ने भूमि राजस्व विभाग की उपलब्धियों को गिनाते हुए बताया है कि अब बिहार में दाखिल खारिज, जमीन मापी और परिमार्जन में तेजी आई है। उन्होंने इस मौके पर नियमों के सर्कुलर का विमोचन किया।
Bihar Bhumi News बिहार के डिप्टी सीएम और राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय सिन्हा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विभागीय कामकाज और उपलब्धियों की जानकारी दी।
इस मौके पर एक नया विभागीय सर्कुलर का विमोचन किया और बताया कि वर्ष 2003 से 2024 तक जमीन से जुड़े तमाम जरूरी नियमों को एक स्थान पर रखा गया है।
मंत्री के अनुसार नए विभागीय सर्कुलर को चार भागों में बनाया गया है ताकि सरकार के अधिकारी और कर्मचारी इन नियमों को आसानी से समझ सकें और उन्हें काम करने में कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के इस नए सर्कुलर का उद्देश्य यही है कि नियमों को सरल बनाया जाए और आम आदमी के भूमि सम्बंधित कामों के निपटारे में तेजी आए।
डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने बताया कि उनका विभाग भूमि सुधार जनकल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत काफी अरसे से लंबित पड़े भूमि के मामलों को तेजी से निपटारा कर रहा है। दाखिल खारिज, जमीन की नापी और परिमार्जन जैसी प्रक्रिया अब पहले की अपेक्षा तेज गति से हो रहे हैं।
डिप्टी सीएम ने संतोष जाहिर करते हुए कहा कि विभाग की इस पहल से लंबित मामलों की संख्या में चार हजार से ज्यादा की कमी आई है। जहां पहले सिर्फ 19% आवेदनों पर काम होता था, वहां अब 69% आवेदनों पर काम हुआ है। इतना ही नहीं, निपटारा किए गए आवेदनों की संख्या भी 11 हजार से बढ़कर 27 हजार हो गई है।
डिप्टी सीएम ने कमियों को भी स्वीकारते हुए कहा कि कुछ लोगों की सुस्ती और लापरवाही की वजह से काम में कमी भी हुई लेकिन इस स्थिति को भी बदला जा रहा है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0