केंद्रीय बजट में बिहार को क्या क्या मिला ? अर्थशास्त्री कह रहे हैं निराश करने वाला....पूरी जानकारी यहां है....
जाने माने अर्थशास्त्री एन के चौधरी कहा कहना है कि इस बजट में बिहार के हाथ निराशा लगी है। शिप रिपेयरिंग सेंटर को छोड़ दें तो बिहार के लिए इसमें खास कुछ भी नहीं है। उनका मानना है कि क्षेत्रीय असमानता की वजह से बिहार लगातार पिछड़ रहा है। ऐसे में बिना विशेष पैकेज और केंद्र की मदद के बिहार का विकसित होना संभव नहीं है।
Central Budget केंद्रीय बजट 2026-27 में बिहार के लिए कई विशेष घोषणाएं की गईं हैं जिससे आने वाले वक्त में बिहार को काफी फायदा मिलेगा। इनमें सबसे प्रमुख राजधानी पटना में शिप रिपेयर सेंटर स्थापित करना और हाईस्पीड रेल कॉरिडोर शामिल हैं। इसके साथ ही आधारभूत संरचनाओं का विस्तार और शहरों के विकास के कार्यक्रम भी बिहार को लाभ पहुंचा सकते हैं।
रविवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्तीय वर्ष 2026-2027 के लिए बजट प्रस्तुत किया। इसमें बिहार को क्या क्या मिला, इसे लेकर सबकी उत्सुकता है। आइए, एक एक कर जानते हैं कि निर्मला सीतारमण के पिटारे से बिहार के लिए क्या क्या निकला है !
राजधानी में शिप रिपेयर सेंटर : इस साल के केंद्रीय बजट में बिहार के लिए जो सबसे महत्वपूर्ण घोषणा हुई है वो राजधानी पटना में शिप रिपेयर सेंटर की स्थापना है। इस परियोजना से जल परिवहन के क्षेत्र में एक बड़ा केंद्र बनकर उभर सकता है। इससे बिहार में मरीन इंजीनियरिंग और अन्य तकनीकी क्षेत्रों में करियर बनाने का सपना पाले बिहार के युवाओं को काफी लाभ होगा। शिप रिपेयर सेंटर की स्थापना से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रुप से बड़ी संख्या में बिहार के युवाओं को लाभ होगा।
हाईस्पीड रेल कॉरिडोर : केंद्रीय बजट में 07 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर के निर्माण की घोषणा हुई है। इनमें से एक वाराणसी सिलीगुड़ी कॉरिडोर बिहार से होकर गुजरेगा। यह परियोजना बिहार के लिए काफी फायदेमंड साबित हो सकती है। लंबी दूरी की यात्रा अपेक्षाकृत कम समय में पूरी होगी। संभावना जताई जा रही है कि यह बिहार के बक्सर, आरा, पटना और किशनगंज के रास्ते सिलीगुड़ी तक जाएगी। बिहार की बड़ी आबादी रोजगार और शिक्षा के लिए इस रुट का इस्तेमाल करती है।
शहरों का विकास : बजट में कहा गया है कि बिहार के 08 वैसे शहर जिनकी आबादी 05 लाख से ज्यादा है, उनके आधारभूत विकास के लिए अतिरिक्त केद्रीय मदद दी जाएगी। इस घोषणा से इन शहरों का विकास तेज गति से होगा। राजधानी पटना के अलावा गया, मुजफ्फरपुर जैसे शहर इस श्रेणी में आते हैं। इन शहरों को आने वाले 05 साल में 5000 करोड़ रुपये तक की सहाया दी जाएगी। विकास के इस मॉडल के तहत आसपास के ग्रामीण इलाकों को भी शहरों से जोड़कर निवेश और रोजगार का केंद्र विकसित करने की योजना है।
महिला हॉस्टल का निर्माण : केंद्रीय बजट महिलाओं के लिए अच्छी खबर लेकर आया है। बिहार के सभी 38 जिलों में महिलाओं के लिए महिला हॉस्टल का निर्माण होगा। किसी भी राज्य के विकास के लिए वहां की महिलाओं का सशक्तिरण बेहद आवश्यक माना जाता है।
सेमीकंडक्टर सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा : केंद्रीय बजट में सेमीकंडक्टर क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सेमीकंडक्टर मिशन के शुरुआत की घोषणा की गई है। कुछ ही दिनों पहले बिहार ने राज्य में सेमीकंडक्टर इंडस्ट्रीज को आगे बढ़ाने के लिए बेहतरीन नीति को लागू किया है। बिहार ने इस सेक्टर में 30 हजार करोड़ के निवेश और 02 लाख लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य निर्धारित किया है। ऐसे में बिहार देश के उन 10 राज्यों में शामिल होगा जो केंद्रीय बजट के इस ऐलान का लाभ उठाएगा।
हालांकि बिहार जैसे पिछड़े राज्यों के लिए बजट में किए गए प्रावधा पर्याप्त नहीं हैं। जाने माने अर्थशास्त्री एन के चौधरी कहा कहना है कि इस बजट में बिहार के हाथ निराशा लगी है। शिप रिपेयरिंग सेंटर को छोड़ दें तो बिहार के लिए इसमें खास कुछ भी नहीं है। उनका मानना है कि क्षेत्रीय असमानता की वजह से बिहार लगातार पिछड़ रहा है। ऐसे में बिना विशेष पैकेज और केंद्र की मदद के बिहार का विकसित होना संभव नहीं है।
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