बिहार में भी लागू हुआ योगी मॉडल, अब खुले में मांस की बिक्री पर रोक, 5000 तक जुर्माना ! ....
बिहार में भी धीरे धीरे यूपी का मॉडल लागू होता जा रहा है। यूपी की तर्ज पर अब बिहार में खुले में मांस बेचने पर कड़ी कार्रवाई होगी। नियम का उल्लंघन करने पर 5000 रुपये तक का जुर्माना देना पड़ सकता है। विभाग की ओर से गाइडलाइन जारी कर दी गई है।
बिहार में अब खुले में मांस बेचना महंगा पड़ने वाला है। राज्य के नगर विकास एवं आवास विभाग की ओर से कड़े नियम जारी कर दिए गए हैं। अब बिहार के मांस विक्रेताओं को लाइसेंस लेना जरुरी होगा। सभी मांस बेचने वालों को इस नियम का पालन करना होगा। विभाग ने इस संबंध में गाइडलाइन जारी कर दिया है। गाइडलाइन का उल्लंघन करने पर 5000 रुपये तक जुर्माना भरना पड़ सकता है।
राज्य के उपमुख्यमंत्री सह नगर विकास एवं आवास मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने साफ तौर पर कहा कि अब बिहार में खुले में मांस नहीं बेचा जा सकेगा। मांस बेचने वालों को लाइसेंस लेना होगा। बिना लाइसेंस मांस बेचना गैरकानूनी होगा। सामान्य लोगों के स्वास्थ्य एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह निर्णय आवश्यक है।
आपको बता दें कि खुले में मांस बेचना शुरु से ही प्रतिबंधित है लेकिन इस नियम का पालन कहीं नहीं किया जा रहा था। बिहार के किसी भी हिस्से में आप चले जाएं आपको मांस मछली खुले में ही बिकता हुआ दिखाई पड़ जाएगा। किसी भी मांस मछली बेचने वाले दुकानदार के पास लाइसेंस नहीं मिलेगा। यह लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है।
नए गाइडलाइन के अनुसार मांस के दुकानों को शीशे या पर्दे से कवर करना जरुरी होगा। सिर्फ लाइसेंसधारी दुकानदार ही मांस बेच सकते हैं। इसके साथ ही मांस की दुकानों पर काला शीशा लगाने का निर्देश जारी किया गया है ताकि वो बाहर के रास्ते से गुजरने वाले लोगों को दिखाई न पड़े।
वहीं अब किसी भी धार्मिक स्थल या स्कूलों के नजदीक मांस की दुकानें नहीं होंगी। दुकान के कचरे और मांस के टुकड़ों को इधर उधर फेंकने की बजाय उन्हें इकट्ठा कर नगर निगम की सफाई गाड़ी को सौंप देना होगा। इन नियमों का उल्लंघन करने पर 5000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा अथवा दुकान को बंद करने का आदेश भी जारी हो सकता है। सरकार ने यह फैसला लोगों के स्वास्थ्य और उनकी भावनाओं के मद्देनजर लिया है।
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