बिहार में 143 फीट उंची अर्धनारीश्वर की प्रतिमा, 26 जून को प्राण प्रतिष्ठा
मंदिर परिसर में भगवान गणेश और कार्तिकेय जी की भी विशाल प्रतिमा स्थापित की गई है। सभी धार्मिक अनुष्ठानों को विधि विधान से पूर्ण करने के लिए देश के कई इलाकों से पंडित और आचार्य पहुंचे हुए हैं। चल रहे 10 दिवसीय महायज्ञ में बिलकुल किसी उत्सव जैसा नजारा दिख रहा है।
पटना जिले के गौरीचक का ग्राम चंडासी इन दिनों सनातनियों की आस्था का केंद्र बना हुआ है। दरअसल इस गांव में 143 फीट उंची अर्धनारीश्वर की प्रतिमा का दर्शन करने हेतु आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। इस पूरे धार्मिक परिसर का निर्माण 11 करोड़ रुपये की लागत से हुआ है। बुधवार को यहां पर 1008 कुंडीय महायज्ञ का आयोजन किया गया जो 25 जून तक चलेगा।
26 जून को भगवार की प्रतिमा का वैदिक विधि विधान के साथ प्राण प्रतिष्ठा होगी। इस दौरान भक्तिमय कार्यक्रमों का आयोजन होगा। भीषण गर्मी के बावजूद अभी चल रहे यज्ञ में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुुंच रहे हैं और परिक्रमा कर रहे हैं। मंगलवार को इलाके में भव्य शोभायात्रा निकाली गई जिसमें भारी संख्या में भक्त शामिल हुए। हर हर महादेव के जयघोष से पूरा इलाका शिवमय हो गया।
शोभायात्रा में महिलाओं की भी अच्छी खासी भागीदारी देखने को मिली। सिर पर कलश लेकर महिलाओं ने छह किलोमीटर की दूरी तय की। बता दें कि इस मंदिर के निर्माण में कई राज्यों के कलाकारों ने अपना योगदान दिया है। इनमें बिहार के अलावा यूपी, महाराष्ट्र, कर्नाटक के कलाकार और शिल्पकार शामिल हैं। भगवान शंकर और माता पार्वती के अर्धनारीशवर स्वरुप की 143 फी उंची प्रतिमा के अलावा मंदिर परिसर में भगवान गणेश और कार्तिकेय जी की भी विशाल प्रतिमा स्थापित की गई है।
सभी धार्मिक अनुष्ठानों को विधि विधान से पूर्ण करने के लिए देश के कई इलाकों से पंडित और आचार्य पहुंचे हुए हैं। चल रहे 10 दिवसीय महायज्ञ में बिलकुल किसी उत्सव जैसा नजारा दिख रहा है। लगभग 15 बीघे के परिसर में 50 से ज्यादा झूले और डिजनीलैंड आदि लगे हुए हैं।
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