बिहार पंचायत चुनाव : मुखिया और सरपंच की सीट 8 हजार से बढ़कर 13 हजार होने के आसार
वर्ष 2027 में होने वाले बिहार पंचायत चुनाव में नए समीकरण देखने को मिल सकते हैं। 2023 में हुए जाति आधारित जनगणना के डेटा के आधार पर नया परिसीमन लागू होने की संभावना है।
वर्ष 2027 यानी अगले साल बिहार में पंचायत चुनाव प्रस्तावित हैं। बिहार राज्य निर्वाचन आयोग 2023 की जातीय जनगणना के डेटा के आधार पर नया परिसीमन लागू करने जा रहा है। इसके बाद मुखिया और सरपंचों की संख्या 8053 से बढ़कर 13 हजार तक होने की बात कही जा रही है।
10 वर्षों के बाद नया आरक्षण रोस्टर लागू होने से बदले जातीय समीकरण का असर आगामी पंचायत चुनाव पर पड़ना तय है। पहले जिन सीटों पर सामान्य वर्ग का कब्ज़ा था, अब वहां अनुसूचित जाति/ जनजाति और ओबीसी की आबादी बढ़ने से नए लोगों को मौका मिलेगा।
जबकि पुरानी वैसी सीटें जहां आरक्षित वर्गों का दबदबा था, वहाँ सामान्य वर्गों और महिलाओं की दावेदारी में मजबूती आ सकती है। ऐसे में लगभग सभी पंचायतों और ग्रामीण इलाकों में नए समीकरण, नए चेहरे और नई संभावनाएं स्वत: देखने को मिल सकती हैं।
राज्य के संयुक्त निर्वाचन आयुक्त शम्भू कुमार ने सामान्य प्रशासन विभाग से जातीय जनगणना का डेटा मांगा है। वर्तमान पंचायती राज का कार्यकाल नवंबर - दिसंबर में समाप्त हो रहा है। अगले साल होने वाले पंचायत चुनाव ' मल्टी पोस्ट ईवीएम ' से कराए जाएंगे।
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