बिहार के कमरुद्दीन का भारतीय सेना में गौरवपूर्ण चयन, अब्बा करते हैं फेरी !
परिवार के हालात अच्छे नहीं थें लेकिन कमरुद्दीन का हौंसला बुलंद था और आत्मविश्वास उनकी सबसे बड़ी ताकत थी। कड़ी मेहनत के बाद इसका नतीजा भी कमरुद्दीन को मिला। अब वो भारतीय सेना का हिस्सा बन चुके हैं।
एक समय था जब जमुई के बोंगी पंचायत का मधुपुर गांव नक्सल प्रभावित माना जाता था। वक्त बदला हालात बदले और इस गांव का बेटा मोहम्मद कमरुद्दीन अंसारी का चयन भारतीय सेना के लिए हो गया है। कमरुद्दीन की इस उपलब्धि पर पूरे गांव और पंचायत में जश्न और हर्ष का माहौल है।
मोहम्मद कमरुद्दीन अंसारी का परिवार आर्थिक रुप से बेहद कमजोर है। उनके पिता इमामुद्दीन अंसारी मुंबई में फेरी का काम करते हैं और परिवार का पालन पोषण करते हैं जबकि कमरुद्दीन की मां खतीजा खातून घर पर रहकर बीड़ी मजदूर का काम करती हैं।
बेहद गरीबी और तंगहाली के बीच कमरुद्दीन ने अपनी पढ़ाई लिखाई पूरी की। वो अपने पिता के सबसे बड़े बेटे है। परिवार के हालात अच्छे नहीं थें लेकिन कमरुद्दीन का हौंसला बुलंद था और आत्मविश्वास उनकी सबसे बड़ी ताकत थी। कड़ी मेहनत के बाद इसका नतीजा भी कमरुद्दीन को मिला। अब वो भारतीय सेना का हिस्सा बन चुके हैं। परिणाम सुनकर गांव वालों ने कमरुद्दीन और उनके पूरे परिवार को बधाई दी। सबने मिठाईयां बांटी।
मोहम्मद कमरुद्दीन अंसारी ने अपनी कामयाबी का श्रेय अपने माता पिता, अपने शिक्षकों और हजारीबाग के डिफेंस एकेडमी को दिया है। उन्होंने कहा कि उनके परिवार का सहयोग और शिक्षकों का मार्गदर्शन मिला। इसके साथ ही उन्होंने मेहनत में कोई कोताही नहीं की। इसी का नतीजा है कि आज उनका चयन भारतीय सेना में हुआ है।
मोहम्मद कमरुद्दीन अंसारी की इस उपलब्धि पर ग्रामीणों ने कहा कि पहले इस क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों की वजह से लोग अपने बच्चों को वर्दी वाली सेवाओं में भेजने से हिचकिचाते थें लेकिन आज हमारे गांव के एक नौजवान ने भारतीय सेना में चयनित होकर आसपास के इलाकों के लिए एक उदाहरण पेश कर दिया है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0