नई सियासी खिचड़ी, तेजप्रताप और प्रशांत किशोर की मुलाकात के मायने....
प्रशांत किशोर और तेजप्रताप यादव की यह मुलाकात राजधानी पटना में हुई। तेजप्रताप यादव खुद चलकर प्रशांत किशोर से मिलने पहुंचे। दोनों नेताओं की मुलाकात लंबी चली। जाहिर तौर पर इस मुलाकात के दौरान दोनों में बिहार की राजनीति और वर्तमान घटनाक्रम पर चर्चा हुई होगी। एक दूसरे की राजनीतिक परिस्थितियों पर विमर्श हुआ होगा। यह मुलाकात भविष्य की राजनीति के तौर पर अहम माना जा रहा है।
बिहार की राजनीति में नई सियासी खिचड़ी संकेत मिल रहे हैं। जनशक्ति जनता दल के प्रमुख और पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव और जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर की मुलाकात अनायास नहीं है। तेजप्रताप यादव जहां महुआ विधानसभा सीट से चुनाव हार चुके हैं तो वहीं जनसुराज भी पिछले विधानसभा चुनाव में शून्य पर आउट हो चुका है। ऐसे में दोनों नेताओं की मुलाकात के अपने मायने हैं।
Prashnat Kishore और TejPratap Yadav की यह मुलाकात राजधानी पटना में हुई। तेजप्रताप यादव खुद चलकर प्रशांत किशोर से मिलने पहुंचे। दोनों नेताओं की मुलाकात लंबी चली। जाहिर तौर पर इस मुलाकात के दौरान दोनों में बिहार की राजनीति और वर्तमान घटनाक्रम पर चर्चा हुई होगी। एक दूसरे की राजनीतिक परिस्थितियों पर विमर्श हुआ होगा। यह मुलाकात भविष्य की राजनीति के तौर पर अहम माना जा रहा है।
अब इस राजनीतिक मुलाकात के बाद सवाल उठने लगे हैं कि क्या आने वाले समय में बिहार की राजनीति में एक नया गठबंधन और बदलाव देखने को मिल सकता है ! प्रशांत किशोर के साथ इस मुलाकात की एक छोटी वीडियो खुद तेजप्रताप यादव ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट किया है। जहां तेजप्रताप यादव पीके को प्रणाम करते हुए सुनाई पड़ते हैं तो वहीं पीके भी तेजप्रताप यादव का स्वागत करते दिखाई पड़ते हैं। अब इसके बाद नए सियासी समीकरणों की सुगबुगाहट तेज होती हुई दिखाई दे रही है।
तेजप्रताप ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए लिखा है कि आज का दिन राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण रहा। मेरी मुलाकात प्रशांत किशोर जी से हुई जहां हमने जनहित और भविष्य की राजनीति को लेकर गहन चर्चा हुई। इस दौरान जनता की अपेक्षाओं और बदलते राजनीतिक समीकरणों पर विस्तार से बात हुई।
तेजप्रताप आगे लिखते हैं कि यह मुलाकात केवल औपचारिक नहीं थी बल्कि इसमें कई ऐसे मुद्दों पर विचार विमर्श हुआ जो आने वाले समय में राजनीति की दिशा तय कर सकते हैं। मैं तेजप्रताप यादव इस संवाद को अपने राजनीतिक जीवन के एक महत्वपूर्ण अनुभव के रुप में देखता हूं जहां सकारात्मक सोच और जनसेवा की भावना के साथ आगे बढ़ने का संकल्प और मजबूत हुआ।
तेजप्रताप यादव के इस पोस्ट में एक और दिलचस्प बात देखने को मिली कि उन्होंने पोस्ट में तेजस्वी यादव, राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी और सम्राट चौधरी को भी टैग किया है।
तेजप्रताप यादव और प्रशांत किशोर की मीटिंग के चाहे कितने भी निहितार्थ निकाले जाए, अभी उन दोनों की भविष्य की रणनीति का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता क्योंकि हालिया प्रकरणों से तेजप्रताप यादव जहां एनडीए के नजदीक दिखाई पड़ते हैं तो वहीं प्रशांत किशोर की नजदीकी कांग्रेस से होने की चर्चा सियासी फिजाओं में तैरती रहती है।
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