राशन दुकानों पर मिलेगा कोयला, गैस संकट से निपटने के लिए सम्राट सरकार का बड़ा निर्णय...
ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध की आंच कब तक ठंडी पड़ेगी, कहा नहीं जा सकता, ऐसे में सरकार को मजबूरन यह कदम उठाना पड़ रहा है। कोयले की यह व्यवस्था सिर्फ राशन कार्डधारियों के लिए है। जिनके पास राशन कार्ड नहीं है, उनके लिए क्या व्यवस्था सरकार करेगी, अभी इसका पता नहीं है।
जिनके पास राशन कार्ड है, उन्हें राशन दुकानों से कोयला मिलेगा। पश्चिम एशिया में जारी जंग ने रसोई घरों की हालत को डगमगा दिया है। रसोई गैस की सप्लाई प्रभावित हुई है, ऐसे में अब सरकार को कोयले को सहारा बनाना पड़ रहा है। अब भोजन पकाने के लिए गैस सिलेंडर की जगह कोयला खरीदना होगा। यह कोयला राशन कार्ड पर मिलेगा। हर परिवार को हर महीने पर सौ किलो यानी एक क्विंटल कोयला खरीदना होगा।
ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध की आंच कब तक ठंडी पड़ेगी, कहा नहीं जा सकता, ऐसे में सरकार को मजबूरन यह कदम उठाना पड़ रहा है। कोयले की यह व्यवस्था सिर्फ राशन कार्डधारियों के लिए है। जिनके पास राशन कार्ड नहीं है, उनके लिए क्या व्यवस्था सरकार करेगी, अभी इसका पता नहीं है।
यह हकीकत है कि गैस सिलेंडर की आपूर्ति नहीं होने से लोगों को समस्या हो रही है। भोजना पकाने में असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में बिहार की सम्राट सरकार ने लोगों की सुविधा के लिए राशन दुकानों से कोयला आपूर्ति की व्यवस्था का निर्णय लिया है। बिहार सरकार के सचिव अभय कुमार सिंह ने सभी जिलाधिकारियों और परिवहन विभाग को पत्र लिखा है।
आपदा प्रबंधन कानून 2005 के आलोक में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत आने वाले नागरिकों को भोजन निर्माण के लिए कोयला दिया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार ने खास व्यवस्था की है। कोल हेड से लोगों के घरों तक कोयला आपूर्ति के लिए सप्लाई चेन तैयार किया जा रहा है।
माना जा रहा है कि कोयला आपूर्ति होने से गैस सिलेंडर की मांग में कमी आएगी। खास तौर पर ग्रामीण इलाकों में कोयला आपूर्ति सुनिश्चित हो जाने से राहत मिलेगी। इन दिनों शादी विवाह का भी सीजन चल रहा है। शादियों में भोजन बनाने के लिए रसोई गैस सिलेंडर की मांग ज्यादा होती है, वहां भी कोयले की आपूर्ति बहुत हद तक मांग कम करेगी।
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