RJD नेता ने खड़गे, मायावती, चिराग, मांझी समेत तमाम दलित नेताओं के एक मंच पर आने की अपील की...
साधु पासवान का मानना है कि यूपी विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद आरक्षण में हेरफेर किए जाने की संभावना है क्योंकि भाजपा कभी भी दलितों को अपना वोटर नहीं मानती और सामान्य वर्ग इन दिनों आरक्षण की समीक्षा और बदलाव की बात कह रहा है। साधु पासवान ने कहा कि आरक्षण की समीक्षा के नाम पर आरक्षण को खत्म करने का कुचक्र रचा जा रहा है।
लोजपा रामविलास के प्रमुख सह केद्रीय मंत्री चिराग पासवान के बहनोई अनिल कुमार उर्फ साधु पासवान ने दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे सवर्ण आंदोलन के बीच सभी दलित नेताओं के एक मंच पर आने की अपील कर दी है। साधु पासवान आरजेडी में हैं और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के भी काफी करीब माने जाते हैं।
साधु पासवान का मानना है कि यूपी विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद आरक्षण में हेरफेर किए जाने की संभावना है क्योंकि भाजपा कभी भी दलितों को अपना वोटर नहीं मानती और सामान्य वर्ग इन दिनों आरक्षण की समीक्षा और बदलाव की बात कह रहा है। साधु पासवान ने कहा कि आरक्षण की समीक्षा के नाम पर आरक्षण को खत्म करने का कुचक्र रचा जा रहा है।
साधु पासवान ने अपने फेसबुक पोस्ट के जरिए दो बिल्लियों और बंदर की कहानी सुनाई और कहा कि जब दो अपने लड़ते हैं तो इसका फायदा बंदर उठा लेता है। ऐसे में तमाम दलित नेताओं को एक मंच पर आने की जरुरत है।
उन्होंने लिखा है कि अगर यूपी विधानसभा चुनाव में भाजपा की हार होती है तो वह हर हाल में आरक्षण की समीक्षा के नाम पर कैंची चलाना शुरु करेगी क्योंकि वो किसी भी हाल में अपने कोर वोटर को बचाने की कोशिश करेगी।
आरजेडी नेता अनिल कुमार साधु ने कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे, बसपा प्रमुख मायावती, लोजपा रामविलास प्रमुख चिराग पासवान, हम सेकुलर प्रमुख जीतन राम मांझी, आरपीआइ प्रमुख रामदास अठावले समेत तमाम दलित नेताओं से एकजुट होकर आरक्षण बचाने की अपील की है। दरअसल इन दिनों एनडीए के ही दो हिस्सेदार चिराग पासवान और जीतन राम मांझी की पार्टी के बीच बयानबाजी जोरों पर चल रही है।
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