सम्राट सरकार में आधे मंत्री दागी, 90 प्रतिशत मंत्री करोड़पति....
चुनाव सुधारों पर काम करने वाली संस्था एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स यानी एडीआर और बिहार इलेक्शन वॉच की रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। बता दें कि बीते 07 मई को बिहार मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ। इसके बाद सम्राट चौधरी सरकार के मुख्यमंत्री सहित 35 में से 31 मंत्रियों द्वारा घोषित सेल्फ एफिडेविट का विश्लेषण करने के उपरांत उपरोक्त तथ्य निकल कर सामने आया।
बिहार की नई सम्राट चौधरी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार के बाद कई तथ्य निकल कर सामने आए हैं। नई सरकार में शामिल लगभग आधे मंत्रियों ने अपने विरुद्ध आपराधिक मामले दर्ज होने का खुलासा किया है। वहीं इस तथ्य का भी खुलासा हुआ है कि सम्राट सरकार के लगभग 90 फीसदी मंत्री करोड़पति हैं।
चुनाव सुधारों पर काम करने वाली संस्था एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स यानी एडीआर और बिहार इलेक्शन वॉच की रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। बता दें कि बीते 07 मई को बिहार मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ। इसके बाद सम्राट चौधरी सरकार के मुख्यमंत्री सहित 35 में से 31 मंत्रियों द्वारा घोषित सेल्फ एफिडेविट का विश्लेषण करने के उपरांत उपरोक्त तथ्य निकल कर सामने आया।
ये एफिडेविट वही हैं जो बिहार विधानसभा चुनाव 2025 और विधान परिषद चुनावों के दौरान प्रत्याशी के रुप मंे जमा किए गए थें। इस रिपोर्ट के अनुसार जिन मंत्रियों के एफिडेविट का विश्लेषण करने के बाद यह जानकारी मिली कि इनमें से 15 मंत्रियों के उपर आपराधिक मामले चल रहे हैं। मतलब कि सम्राट चौधरी सरकार के 48 प्रतिशत मंत्रियों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। हैरानी की बात तो यह है कि इनमें स 09 मंत्रीर गंभी आपराधिक मुकदमों का सामना कर रहे हैं।
इस रिपोर्ट में चार मंत्रियों का कोई शपथ पत्र मौजूद नहीं है क्योंकि जेडीयू के निशांत कुमार और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के दीपक प्रकाश अभी किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं जबकि जेडीयू के अशोक चौधरी और भाजपा के प्रमोद कुमार बिहार विधान परिषद के मनोनित सदस्य हैं और मनोनित सदस्यों को एफिडेविट दाखिल करने की कोई जरुरत नहीं होती।
वहीं महिला मंत्री रमा निषाद की घोषित संपत्ति लगभग 32 करोड़ रुपये है जबकि लोजपा रामविलास कोटे से मंत्री संजय पासवान के पास महज 22 लाख से कुछ ज्यादा की संपत्ति है। समग्र विश्लेषण में पाया गया कि 31 मंत्रियों में से 28 मंत्री करोड़पति हैं।
इस विश्लेषण रिपोर्ट में यह भी तथ्य निकल कर सामने आया कि सम्राट चौधरी सरकार के आठ मंत्रियों की शैक्षणिक योग्यता 10वीें से 12वीं कक्षा के बीच है। ये 26 प्रतिशत है। वहीं 71 प्रतिशत यानी 22 मंत्री ग्रेजुएट या इससे उपर की डिग्री रखते हैं। वहीं एक मंत्री के पास डिप्लोमा की योग्यता है।
अगर उम्र की बात करें 19 प्रतिशत यानी की 06 मंत्री 30 साल से 50 साल की उम्र के बीच हैं। लगभग 81 प्रतिशत यानी की 25 मंत्री 51 साल से 80 साल के बीच के उम्र के हैं। महिला मंत्रियों की संख्या बेहद कम है यानी की कुल 35 मंत्रियों में से सिर्फ 05 महिलाएं ही इस सरकार में शामिल हैं।
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