ऐतिहासिक फैसला, बिहार के सरकारी विभागों में अब चलेंगे इलेक्ट्रिक वाहन
राज्य की सम्राट चौधरी सरकारी की मंशा है कि सरकारी विभागों में चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रयोग की परंपरा शुरु कर दी जाए। इससे प्रदूषण पर लगाम लगेगी। पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता कम होगी।
बिहार सरकार ने शुक्रवार को एक ऐतिहासिक फैसला किया है। राज्य सरकार ने अब सरकारी विभागों में पेट्रोल डीजल वाहनों की जगह इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग का फैसला किया है। बढ़ते प्रदूषण और ईंधन की खपत को कम करने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है।
शुक्रवार को राज्य के विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह की अध्यक्षता में परिवहन विभाग, वाहन निर्माता कंपनियों और पेट्रोलियम कंपनियों की संयुक्त बैठक हुई। इस बैठक में यह निर्णय लिया गया कि अलग अलग सरकारी विभागों में किराए पर लिए गए पेट्रोल और डीजल से चलने वाली गाड़ियों को धीरे धीरे इलेक्ट्रिक वाहनों से बदला जाएगा।
राज्य की सम्राट चौधरी सरकारी की मंशा है कि सरकारी विभागों में चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रयोग की परंपरा शुरु कर दी जाए। इससे प्रदूषण पर लगाम लगेगी। पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता कम होगी। इस बैठक में बताया गया कि संशोधित बिहार इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2026 के तहत राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से बढ़ावा दिया जाएगा। यह बिहार में एक ऐतिहासिक परिवर्तन होगा।
बिहार के सरकारी विभागों में इलेक्ट्रिक वाहनों का इंतजाम करने के लिए बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम और बिहार राज्य पथ परिवहन निगम को नोडल एजेंसी बनाया गया है। इस परियोजना में ये दोनों सरकारी एजेंसियां एग्रीगेटर की भूमिका निभाएंगी। ये दोनों एजेंसियां इलेक्ट्रिक वाहन बनाने वाली कंपनियों के साथ समन्वय स्थापित कर अलग अलग सरकारी विभागों की आवश्यक्ता के अनुसार इलेक्ट्रिक वाहन उपलब्ध कराएंगी।
बिहार सरकार ने प्रथम चरण में अलग अलग सरकारी विभागों के लिए 02 से 03 हजार इलेक्ट्रिक वाहन उपलब्ध कराने का लक्ष्य निश्चित किया है। वाहन कंपनियों को सरकार की ओर से कहा गया है कि वो सरकारी उपयोग के लिए ऐसे इलेक्ट्रिक वाहनों को विकसित करें जो हर प्रकार की सड़क, रास्ते और परिस्थितियों में रुकावट या बाधा पैदा नहीं कर सकें। वाहन कंपनियों को आर्टिगा, बोलेरो और स्कॉर्पियो जैसी गाड़ी विकसित करने का निर्देश दिया गया है।
विकास आयुक्त ने निर्देशित किया है कि सरकारी परिसरों और सार्वजनिक स्थलों पर बड़े स्तर पर ईर्वी चार्जिंग स्टेशन लगाने की प्रक्रिया शुरु की जाएग। राज्य के सभी पेट्रोलियम पंपों को भी कहा गया है कि वो अपने पेट्रोल पंपों पर ईवी चार्जर लगाएं। इससे पूरे बिहार में सरल चार्जिंग नेटवर्क तैयार हो जाएगा।
सरकार का मानना है कि सरकारी स्तर पर ई वाहनों के इस्तेमाल और जगह जगह पर चार्जिंग स्टेशन होने से आम जनता का इसके प्रति भरोसा बढ़ेगा। सरकार की मंशा है कि राज्य भर में इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल बढ़े और पेट्रोल डीजल पर लोगों की निर्भरता कम हो सके।
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