बिहार के मेडिकल कॉलेजों की अब महीने में 5 बार जांच, स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की ओर बड़ा कदम

बिहार के मेडिकल कॉलेज अस्पतालों की कुव्यवस्था और लापरवाही किसी से छिपी हुई नहीं है। ऐसे में बिहार सरकार की महीने में 05 बार जांच के फैसले की सराहना की जा रही है। सरकार के इस फैसले से इलाज के लिए सरकारी अस्पतालों पर निर्भर रहने वाले मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।

Apr 21, 2026 - 07:50
Apr 21, 2026 - 07:52
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बिहार के मेडिकल कॉलेजों की अब महीने में 5 बार जांच, स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की ओर बड़ा कदम
PMCH की तस्वीर, गूगल से साभार

बिहार सरकार हर हाल में राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाना चाहती है। इसके लिए सरकार ने मेडिकल कॉलेज अस्पतालों की महीने में 05 बार जांच को अनिर्वाय कर दिया है। अब एक महीने में न्यूनतम 04 बार नियमित और 1 बार औचक निरीक्षण अनिवार्य होगा। जाहिर तौर पर इस व्यवस्था के लागू होने से राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। 

बिहार के मेडिकल कॉलेज अस्पतालों की कुव्यवस्था और लापरवाही किसी से छिपी हुई नहीं है। ऐसे में बिहार सरकार की महीने में 05 बार जांच के फैसले की सराहना की जा रही है। सरकार के इस फैसले से इलाज के लिए सरकारी अस्पतालों पर निर्भर रहने वाले मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। 

स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के मुताबिक बिहार के मेडिकल कॉलेज अस्पतालों की जांच के लिए मुख्यालय स्तर से टीमों का गठन होगा। ये टीम मेडिकल कॉलेज अस्पतालों का दौरा करेगी और वहां के प्रबंधन और व्यवस्था का गहराई से आंकलन करेगी। इस जांच के दौरान अस्पतालों में डॉक्टरों और कर्मचारियां की उपस्थिति, परिसर में साफ सफाई की व्यवस्था, इमरजेंसी सेवाओं और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं और सेवाओं की समीक्षा की जाएगी। 

इसके बाद जांच टीम अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को सौंपेगी। रिपोर्ट में अगर यह तथ्य सामने आया कि कोई मेडिकल कॉलेज अस्पताल अनियमितता और लापरवाही का शिकार है तो उसे हर हालत में दूर करने के लिए कदम उठाए जाएंगे। 

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में निरंतर नियमित और औचक निरीक्षण से अस्पताल प्रशासन हमेशा सक्रिय रहेगा। अस्पतालों की कार्यप्रणाली में सुधार और पारदर्शिता आएगी। इससे मरीजों को बेहतर सेवा और इलाज मिल सकेगी। औचक और नियमित निरीक्षण के दौरान अगर अस्पताल से जुड़ा कोई अधिकारी या कर्मचारी लापरवाह पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कार्रवाई भी होगी। 

बिहार में इस नई व्यवस्था का उद्देश्य राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार लाना है। मई महीने से यह व्यवस्था राज्य के सभी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों पर लागू कर दी जाएगी। 

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SIMRANJEET SINGH Diploma in media studies ( Ranchi ),8 years experience in news media, Political Expert Chief editor in Bihar News