राजगीर के गर्म कुंड सूख रहे हैं, बचाने के लिए महापंचायत का आयोजन
महापंचायत में बताया गया कि राजगीर में गंगा यमुना, अनंत ऋषि, व्यास और मार्कण्डेय कुंडों के जल स्त्रोत पूरी तरह से सूखने के कगार पर हैं। सप्तधारा कुंड की सात प्राकृतिक धाराओं में से चार पूरी तरह से बंद हो चुका है।
पर्यटन नगरी के तौर पर विख्यात राजगीर के ऐतिहासिक गर्म कुंडों और प्राकृतिक जल स्त्रोतों के सूखने से स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। इन प्राकृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों को बचाने के लिए रविवार को राजगीर में एक महापंचायत का आयोजन किया गया।
राजगीर विकास समिति के बैनर तेल हुई इस महापंचायत में सरकार एवं प्रशासन ने गर्म कुंडों की स्थिति पर तत्काल वैज्ञानिक अध्ययन कराने, कुंड क्षेत्र में जारी अवैध डीप बोरिंग पर प्रतिबंध लगाने और जल स्त्रोतों के संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। समिति ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर इस विषय पर कार्रवाई नहीं की गई तो 02 अगस्त को राजगीर बंद बुलाया जाएगा।
महापंचायत में बताया गया कि राजगीर में गंगा यमुना, अनंत ऋषि, व्यास और मार्कण्डेय कुंडों के जल स्त्रोत पूरी तरह से सूखने के कगार पर हैं। सप्तधारा कुंड की सात प्राकृतिक धाराओं में से चार पूरी तरह से बंद हो चुका है। बची तीन धाराओं का जलप्रवार भी निरंतर कमजोर होता जा रहा है।
राजगीर विकास समिति ने बताया है कि विकास योजनाओं के नाम पर बड़े निर्माण किए जा रहे हैं। अवैध बोरिंग की वजह से प्राकृतिक जल स्त्रोतों को नुकसान पहुंचा है। पांडु पोखर, झुनकी बाबा धर्मशाला और मखदूम कुंड के नजदीक कई जगहांे पर अवैध डीप बोरिंग कर गर्म पानी निकाला जा रहा है। इसकी वजह से मुख्य जलधाराएं समापन की ओर बढ़ रहीं हैं।
राजगीर विकास समिति ने इसके लिए हस्ताक्षर अभियान शुरु किया है जिसे राष्ट्रपति क भेजने की तैयारी है। प्रशासन को चेतावनी देते हुए लोगों ने कहा है कि यदि इन मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को तेज किया जाएगा। इसी क्रम में 02 अगस्त को राजगीर बंद बुलाया गया है।
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