तेजस्वी बनेंगे राजद के कार्यकारी अध्यक्ष, तेजस्वी का पॉवर जान लीजिए...
बिहार के राजनीतिक जगत एवं मीडिया के गलियारे में यह खबर तेजी से फैल चुकी है कि अब राजद की कमान तेजस्वी यादव के हाथ में आ जाएगी और तेजस्वी यादव राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बन जाएंगे।
बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव जल्द ही राष्ट्रीय जनता दल के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जा सकते हैं। हालांकि राजद की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई अधिकारिक बयान नहीं आया है लेकिन राजनीतिक जगत और मीडिया में यह चर्चा जोरों पर है कि अब राजद के तमाम फैसले तेजस्वी यादव लेंगे।
खबरों के अनुसार लालू प्रसाद यादव राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनें रहेंगे लेकिन अब राजद के राजनीतिक फैसलों के लिए तेजस्वी यादव कार्यकारी अध्यक्ष के तौर पर कमान संभालेंगे। अगर ऐसा होता है तो तेजस्वी यादव राजद के सर्वेसर्वा हो जाएंगे और पूरी पार्टी की बागडोर तेजस्वी यादव के हाथों में होगी।
इसके बाद पार्टी से जुड़े फैसलों में तेजस्वी की पावर दिखाई पड़ेगी। तेजस्वी यादव के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद क्या बदलाव आ जाएगा, आइए समझने का प्रयास करते हैं।
अगर तेजस्वी यादव को कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जाता है तो यह राजद में " ऑफिशियल पावर ट्रांसफर " होगा। इससे पार्टी के कामकाज और संचालन में आसानी होगी।
इसके साथ ही तेजस्वी को सारा पावर मिल जाने के बाद उनके नेतृत्व को कोई चुनौती नहीं दे पाएगा। तेजप्रताप यादव या रोहिणी आचार्य जैसे पारिवारिक सदस्यों की बगावत का कोई असर नहीं पड़ेगा।
इस दौरान जो तेजस्वी यादव की सबसे बड़ी ताकत होगी वो पार्टी के नीतियों का निर्धारण, गठबंधन के फैसले, संगठन में बदलाव और नियुक्तियां, चुनाव की रणनीति और टिकट बांटना ये सब तेजस्वी यादव का अधिकार हो जाएगा।
अभी राजद के अंदर सबसे बड़ा संकट लचर संगठन, बोझ हो चुका गठबंधन और अनुशासन है। तेजस्वी को पावर मिलने के बाद इन सब मामलों में बेहतरी देखने को मिल सकता है।
तेजस्वी यादव अब तक संगठन में किसी की नियुक्ति या बदलाव नहीं कर पा रहे थें, अब तेजस्वी प्रदेश अध्यक्ष समेत तमाम महत्वपूर्ण पदों पर अपनी इच्छा से बदलाव और नियुक्ति कर सकेंगे।
वहीं गठबंधन के मसले पर लालू प्रसाद का निर्णय ही अंतिम और सर्वमान्य होता था। अब किसके साथ, कैसे और किन शर्तों पर गठबंधन होगा, यह निर्णय पूर्ण रूप से तेजस्वी यादव करेंगे।
कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद तेजस्वी की राष्ट्रीय राजनीति में स्वीकार्यता बढ़ेगी। कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की बैठकों में तेजस्वी मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी और राहुल गांधी के बगल में बैठे नजर आयेंगे। इंडिया गठबंधन के फैसलों में तेजस्वी यादव की भी बड़ी भूमिका दिखाई देगी।
राजद के सामने आज की तारीख में चुनौतियां बहुत है। तेजस्वी की अब तक की राजनीतिक शैली और काम करने के तरीके पर गौर करें तो यह तय है कि वो साधु यादव, सुभाष यादव और तेजप्रताप वाली पार्टी नहीं चाहते हैं। तेजस्वी को लगता है कि परिवार को फिर से जोड़ा गया तो सबकी अपनी अपनी महत्वकांक्षा जाग जाएगी। सब अपने पुराने फॉर्म में वापस लौट जाएंगे और इससे पार्टी की छवि खराब होगी।
अगर खबरों पर मुहर लगती है और तेजस्वी यादव कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनते हैं तो यह तय है कि राजद में व्यापक बदलाव दिखाई देगा। तेजस्वी की राजनीति शुरू से A टू Z की रही है। वो सबको साथ लेकर चलने का प्रयास करते हैं। ऐसे में तेजस्वी अगर पूरी कमान लेकर कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनते हैं तो समाज के विभिन्न वर्गों के नए चेहरे आपको राजद में दिखाई पड़ेंगे, यह तय है।
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