नवंबर में खत्म हो रहा बिहार के 08 MLC का कार्यकाल, चुनाव की तैयारियां जोरों पर
जिन सीटों पर ये चुनाव होने हैं, उनमें पटना स्नातक, पटना शिक्षक, दरभंगा स्नातक, दरभंगा शिक्षक, तिरहुत स्नातक, तिरहुत शिक्षक, कोसी स्नातक और सारण शिक्षक सीट पर शामिल हैं। पार्टियों की बात करें तो इनमें तीन सीटों पर एनडीए, दो सीटों पर इंडिया और तीन सीटों पर निर्दलीय काबित हैं। आने वाले चुनाव में उंट किस करवट बैठेगा, ये देखना दिलचस्प होगा।
बिहार विधान परिषद की 08 सीटों का कार्यकाल नवंबर 2026 में समाप्त हो जाएगा। इन आठों सीटों पर संभावित उम्मीदवारों ने अपनी तैयारियां शुरु कर दी हैं। इनमें चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन की सीटें शामिल हैं। इन सीटों पर सीधे चुनाव होता है।
जिन सीटों पर ये चुनाव होने हैं, उनमें पटना स्नातक, पटना शिक्षक, दरभंगा स्नातक, दरभंगा शिक्षक, तिरहुत स्नातक, तिरहुत शिक्षक, कोसी स्नातक और सारण शिक्षक सीट पर शामिल हैं। पार्टियों की बात करें तो इनमें तीन सीटों पर एनडीए, दो सीटों पर इंडिया और तीन सीटों पर निर्दलीय काबित हैं। आने वाले चुनाव में उंट किस करवट बैठेगा, ये देखना दिलचस्प होगा।
बता दें कि पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जेडीयू के नीरज कुमार एमएलसी हैं। वो जेडीयू के प्रवक्ता भी हैं। पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के नवल किशोर यादव एमएलसी हैं। वो पिछले कई चुनावों से लगातार निर्वाचित होते आ रहे हैं।
वहीं दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय सर्वेश कुमार एमएलसी हैं जबकि दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस के मदन मोहन झा एमएलसी हैं। मदन मोहन झा बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष भी रह चुके हैं और बिहार सरकार में मंत्री भी।
तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर शिक्षक नेता वंशीधर बृजवासी ने चुनाव लड़ा और जेडीयू प्रत्याशी अभिषेक झा को पराजित किया। तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से सीपीआई के संजय कुमार सिंह एमएलसी हैं।
वहीं कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ एनके यादव एमएलसी हैं जबकि सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जनसुराज समर्थित आफाक अहमद एमएलसी हैं।
इस MLC चुनाव को लेकर जाने माने राजनीतिक विश्लेषक और वर्तमान में पश्चिम बंगाल के हावड़ा में रहकर पत्रकारिता और सोशल मीडिया से जुड़े कई पॉलिटिकल प्रोजेक्ट्स को देख रहे अजय कुमार झा का कहना है कि यह चुनाव पूरी तरह से मैनेजमेंट पर निर्भर करता है।
अजय कुमार झा के अनुसार जो उम्मीदवार जितना ज्यादा मैनेजमेंट में माहिर होगा, वो इस चुनाव में जीतेगा। इस चुनाव में संभावित उम्मीदवार पहले से वोटरों का नाम लिस्ट में जुड़वाते हैं, इसका भी उन्हें प्रत्यक्ष लाभ मिलता है। हालांकि इन चुनावों में भी अब पैसे का बोलबाला हो गया, जिसे Ajay Kumar Jha ने लोकतंत्र के लिए अनुचित बताया है।
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