बिहार में तेल मिल लगाने पर सरकार देगी 9 लाख 90 हजार तक सब्सिडी
यह पहल राष्ट्रीय खाद्य तेल तिलहन मिशन के तहत शुरु हुई है। इस योजना का उद्देश्य बिहार में तिलहन का उत्पादन बढ़ाना है और किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम दिलवाना है। अगर आप भी बिहार में तेल मिल खोलने के इच्छुक हैं तेा 15 सितंबर तक इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। आखिरी तारीख के बाद आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
बिहार के किसान और उद्यमी तेल प्रसंस्करण के क्षेत्र में आगे बढ़ सकें, इसके लिए बिहार सरकार बड़ा मौका लेकर आई है। बिहार में नई तेल मिल लगाने वालों को राज्य सरकार की ओर से 9 लाख 90 हजार रुपये तक की सब्सिडी मिलेगी।
यह पहल राष्ट्रीय खाद्य तेल तिलहन मिशन के तहत शुरु हुई है। इस योजना का उद्देश्य बिहार में तिलहन का उत्पादन बढ़ाना है और किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम दिलवाना है। अगर आप भी बिहार में तेल मिल खोलने के इच्छुक हैं तेा 15 सितंबर तक इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। आखिरी तारीख के बाद आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
कृषि विभाग ने 10 टन क्षमता वाली तेल प्रसंस्करण यूनिट स्थापित करने के लिए आवेदन की मांग की है। इस योजना के तहत कुल परियोजना लागत का 33 फीसदी या अधिकतम 9 लाख 90 हजार रुपये अनुदान के रुप में दिए जाएंगे। सरकार का मानना है कि ग्रामीण और स्थानीय स्तर पर तेल मिलों की स्थापना होने से किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सकेगा।
इस योजना के लिए युवा उद्यमी, किसान, प्राइवेट या सरकारी उद्यम, किसान उत्पादक संगठन, रजिस्टर्ड स्टार्टअप और सहकारी समितियां शामिल हैं। किसान उत्पादक संगठनों के लिए कुछ शर्तें रखी गईं हैं जैसे कि आवेदन करने वाला किसान उत्पादक संगठन न्यनूतम दो सालों से पंजीकृत और संचालित होना चाहिए। इसके साथ ही प्रोजेक्ट लागत का कम से कम 15 प्रतिशत हिस्सा आवेदक को खुद वहन करना होगा।
सरकार की ओर से मिलने वाली सब्सिडी केवल नई 10 टन क्षमता वाली तेल मिल स्थापित करने के लिए है। प्रोजेक्ट लागत में जमीन, बिजली, मजदूर और नियमित खर्चे शामिल नहीं हैं। आवेदन करने से पहले योजना की शर्तों और प्रोजेक्ट से जुड़े खर्चों को अच्छी तरह से समझ लेना होगा।
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