" लालू, नीतीश, रामविलास " के बाद नई त्रिमूर्ति " तेजस्वी, निशांत, चिराग "

रामविलास पासवान का निधन हो चुका है। लालू प्रसाद यादव अब बुजुर्ग हो चुके हैं। नीतीश कुमार राज्यसभा के लिए निर्वाचित होकर नए सफ़र के लिए प्रस्थान कर रहे हैं। ऐसे में बिहार की राजनीति से यह त्रिमूर्ति समाप्त हो चुकी है। अब बारी नए त्रिमूर्ति की है।

Apr 8, 2026 - 09:54
Apr 8, 2026 - 10:37
 0  0
" लालू, नीतीश, रामविलास " के बाद नई त्रिमूर्ति " तेजस्वी, निशांत, चिराग "
Adobe

Bihar Politics Trimurti एक दौर था जब लालू, नीतीश, रामविलास को बिहार की राजनीति का प्रमुख स्तंभ माना जाता था। इन्हें बिहार के सियासत की त्रिमूर्ति कहा जाता था। तीनों नेता समाजवादी धारा से आते थें लेकिन वक्त बदला तो विचारधारा भी बदली। लालू जहां कांग्रेस के दोस्त हो गए तो वहीं नीतीश और रामविलास समय समय पर इधर उधर होते रहें। 

अब चर्चा बिहार के नए त्रिमूर्ति तेजस्वी, निशांत और चिराग की हो रही है। तेजस्वी और चिराग राजनीति में पूरी तरह स्थापित हो चुके हैं जबकि निशांत की अभी अभी राजनीति में एंट्री हुई है। 

लालू प्रसाद यादव बिहार के मुख्यमंत्री रहें, देश के रेल मंत्री रहें और वर्तमान में राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। कानूनी अड़चनों की वजह से वो अब कोई चुनाव नहीं लड़ सकते। वैसे लालू अब अस्वस्थ भी रहते हैं और अपनी सियासी बागडोर उन्होंने तेजस्वी को सौंप दी है। 

रामविलास पासवान ने अपनी पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी बनाई। लगातार केंद्र सरकार में मंत्री रहें। मुख्यमंत्री वो कभी नहीं बन सकें। अलग अलग गठबंधनों के साथ उन्होंने काम किया। वो अब इस दुनिया में नहीं है। उनके बेटे चिराग पासवान अपनी शानदार सियासी पारी खेल रहे हैं। 

नीतीश कुमार ने तो इतिहास बनाया। बिहार के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहें। केंद्र में भी मंत्री रहें। अभी अपनी पार्टी जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। राज्यसभा के लिए निर्वाचित हो चुके हैं। अभी अभी बेटे निशांत की राजनीति में एंट्री हुई है।

लालू, नीतीश, रामविलास की खासियत रही कि तीनों ने अपना राजनीतिक मुकाम मेहनत और संघर्ष की बदौलत हासिल किया और लंबी पारी खेली। नीतीश तो एक और नई पारी खेलने ही जा रहे हैं। 06 साल तक वो राज्यसभा सांसद रहेंगे लेकिन यह उनकी राजनीति का अब संध्याकाल ही माना जाएगा। 

राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने अपने दो बेटों तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव को राजनीति में स्थापित करने का प्रयास किया। तेजस्वी यादव ने पिता की विरासत को बखूबी संभाल लिया और अभी वो राष्ट्रीय जनता दल के सर्वमान्य नेता हैं। वो बिहार के उपमुख्यमंत्री भी रहें। अभी वो राष्ट्रीय जनता दल के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता भी...

वहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय रामविलास पासवान ने भी अपने बेटे चिराग पासवान को अपने जीते जी राजनीति में स्थापित किया। चिराग पासवान लगातार 03 टर्म सांसद निर्वाचित हो चुके हैं। अभी केंद्र सरकार में मंत्री भी हैं और लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी। चिराग पासवान भी तेजस्वी यादव की तरह अपनी पार्टी के सर्वमान्य नेता हैं। 

बिहार के निवर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने बेटे निशांत कुमार की एंट्री में थोड़ी देर कर दी। पहले नीतीश कुमार राजनीति में वंशवाद और परिवारवाद के विरोधी माने जाते थें लेकिन यह भी कठोर सच है कि अगर निशांत कुमार जेडीयू में शामिल नहीं होते तो भविष्य में पार्टी के अस्तित्व पर संकट खड़ा हो सकता था। जेडीयू के कार्यकर्ता निशांत कुमार में अपनी पार्टी का भविष्य और अपना नया नेता देखते हैं। जेडीयू कार्यकर्ताओं की मांग पर ही निशांत राजनीति में आए हैं हालांकि अभी उन्हें सर्वमान्य नेता कहना थोड़ी जल्दबाजी होगी क्योंकि उन्हें तो महीने भर ही हुए हैं राजनीति में आए...

कुल मिलाकर जिन लोगों ने बिहार के पुराने राजनीतिक दौर को देखा है, वो अब लालू, नीतीश और रामविलास के उस दौर को काफी मिस करेंगे। इनकी कमी बिहार की राजनीति हमेशा महसूस करेगी। 

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0
SIMRANJEET SINGH Diploma in media studies ( Ranchi ),8 years experience in news media, Political Expert Chief editor in Bihar News