बिहार में एक और उपचुनाव की दस्तक, साहेबगंज विधायक को सजा
कानूनी प्रावधानों के अनुसार अगर किसी भी सांसद या विधायक को किसी आपराधिक मामले में दो साल या उससे अधिक की सजा सुनाई जाती है तो दोषी ठहराए जाने के दिन से ही वह सदन की सदस्यता के लिए अयोग्य हो जाता है।
दिल्ली की एक कोर्ट ने बिहार की साहेबगंज विधानसभा सीट से विधायक राजू कुमार सिंह को चार साल कैद की सजा सुनाई है। इस फैसले के साथ ही राजू कुमार सिंह की विधानसभा की सदस्यता भी चली गई है। अब इस सीट पर विधानसभा उपचुनाव की दस्तक हो गई है। बता दें कि यह मामला साल 2018 का है जब हर्ष फायरिंग में एक शख्स की जान चली गई थी।
कानूनी प्रावधानों के अनुसार अगर किसी भी सांसद या विधायक को किसी आपराधिक मामले में दो साल या उससे अधिक की सजा सुनाई जाती है तो दोषी ठहराए जाने के दिन से ही वह सदन की सदस्यता के लिए अयोग्य हो जाता है।
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने भाजपा विधायक को आईपीसी की धारा 304 पार्ट 2 और आर्म्स एक्ट के तहत भी दोषी ठहराते हुए चार साल की सजा के साथ ही पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपये देने का आदेश दिया। बता दें कि हर्ष फायरिंग के दौरान डॉ अर्चना गुप्ता की जान चली गई थी। अदालत ने भाजपा विधायक राजू कुमार सिंह को गैर इरादतन हत्या के लिए दोषी ठहराया था।
भाजपा विधायक राजू कुमार सिंह बिहार सरकार में पर्यटन मंत्री भी रह चुके हैं। वह लोजपा, जेडीयू, वीआईपी और फिर बाद में भाजपा के टिकट पर विधायक बन चुके हैं। वो वर्ष 2005 से ही कई बार विधायक बन चुके हैं।
भाजपा विधायक को दोषी ठहराते समय कोर्ट ने बेहद तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा था कि देश में हर्ष फायरिंग एक गंभीर समस्या बन चुकी है। यह हर्ष फायरिंग 31 दिसंबर 2018 और 01 जनवरी 2019 के बीच आधी रात को हुई थी। नए साल के जश्न के मौके पर यह वारदात हुई। लगभग सात साल तक यह मामला चला और भाजपा विधायक इसके लिए दोषी ठहराए जा चुके हैं। उन्हें चार साल की सजा सुनाई गई है और इसके साथ ही उनकी सदस्यता भी जा चुकी है।
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