05 दिनों तक चलेगा मॉनसून सत्र, हंगामे के आसार
सबसे ज्यादा सरकार को परेशान भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर करने वाला है। यह मामला अब पूरी तरह से राजनीतिक रंग ले चुका है। सबसे ज्यादा इस मामले में अनावश्यक बयानबाजी एनडीए नेताओं की ओर से भी की गई है। सभी बयानों को आधार बनाकर आरजेडी और कांग्रेस राज्य सरकार को घेर सकती है। वहीं वामदलों के सदस्य जनता की समस्याओं को आधार बनाकर विरोध दर्ज कराते दिखाई दे सकते हैं।
बिहार विधानमंडल का मॉनसून सत्र 20 जुलाई से लेकर 24 जुलाई तक चलेगा। महज 05 कार्यदिवस वाले इस संक्षिप्त सत्र में विपक्ष सरकार को कई मुद्दों पर घेरने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री के रुप में सम्राट चौधरी पहली बार विपक्ष के आरोपों का सामना करेंगे।
सत्र की घोषणा होते ही इसके हंगामेदार होने की संभावना जता दी गई है। सत्र के पहले दिन सरकार की ओर से अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा। अनुपूरक बजट के अलावा कई दूसरे महत्वपूर्ण विधेयक भी इस दौरान पेश किए जाएंगे। जाहिर तौर पर सदन में सरकार की ओर से सरकारी योजनाओं, उनके क्रियान्वयन और उपलब्धियों की जानकारी दी जाएगी।
सबसे ज्यादा सरकार को परेशान भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर करने वाला है। यह मामला अब पूरी तरह से राजनीतिक रंग ले चुका है। सबसे ज्यादा इस मामले में अनावश्यक बयानबाजी एनडीए नेताओं की ओर से भी की गई है। सभी बयानों को आधार बनाकर आरजेडी और कांग्रेस राज्य सरकार को घेर सकती है। वहीं वामदलों के सदस्य जनता की समस्याओं को आधार बनाकर विरोध दर्ज कराते दिखाई दे सकते हैं।
इसके अलावा विपक्ष पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव एवं राबड़ी देवी की सुरक्षा कटौती और फिर बहाल करने के मुद्दे को भी जोर शोर से उठा सकता है। सरकारी बंगला विवाद पर भी विपक्ष सरकार को घेर सकता है क्योंकि कई दूसरे नेताओं को राज्य में बिना किसी पद पर रहे बंगला आवंटित किया गया है।
टेंडर घोटाले और रिशु श्री के मामले पर भी सरकार को विपक्ष आड़े हाथों लेने की तैयारी में है। हालांकि इस मामले में जांच जारी है। फिलहाल बिहार में बिगड़ती कानून व्यवस्था, भ्रष्टाचार और दूसरे राजनीतिक मुद्दों को लेकर विपक्ष आवाज उठाता और हंगामा करता हुआ देखा जा सकता है।
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