खुशखबरी : बिहार में सस्ती होगी बिजली, जानिए किसे होगा कितना फायदा....
बिहार विद्युत विनियामक आयोग ने एक बड़ा फैसला लेते हुए दो में से एक स्लैब को खत्म कर दिया है। इस फैसले से अब शहरी क्षेत्र के घरेलू उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 1.53 रुपये का फायदा होने जा रहा है। इसका लाभ उन घरेलू उपभोक्ताओं को मिलेगा जो प्रतिमाह 125 यूनिट से ज्यादा बिजली खपत करते हैं। 01 अप्रैल 2026 से नई दरों का लाभ उपभोक्ताओं को मिलने लगेगा।
Electricity Bill Bihar बिहार के शहरी इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है। शहरी इलाकों के लिए बिजली सस्ती होने जा रही है। जिस तरह से ग्रामीण इलाकों के लोगों को सस्ती बिजली मिलती है, उसी तर्ज पर अब शहरी क्षेत्र में रहने वाले लोगों को भी सस्ती बिजली मिलेगी।
बिहार विद्युत विनियामक आयोग ने एक बड़ा फैसला लेते हुए दो में से एक स्लैब को खत्म कर दिया है। इस फैसले से अब शहरी क्षेत्र के घरेलू उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 1.53 रुपये का फायदा होने जा रहा है। इसका लाभ उन घरेलू उपभोक्ताओं को मिलेगा जो प्रतिमाह 125 यूनिट से ज्यादा बिजली खपत करते हैं। 01 अप्रैल 2026 से नई दरों का लाभ उपभोक्ताओं को मिलने लगेगा।
बता दें कि बिहार की विद्युत कंपनी ने राज्य में 35 पैसे प्रति यूनिट बिजली बिल में वृद्धि का प्रस्ताव राज्य सरकार को दिया था। इस मसले को लेकर बुधवार को बिहार विद्युत विनियामक आयोग के चेयरमैन आमिर सुबहानी, मेंबर परशुराम सिंह यादव और अरुण कुमार सिन्हा ने सुनवाई की और अपना फैसला लेते हुए बताया कि बिहार की बिजली कंपनी लाभ में चल रही है। ऐसे में किसी भी प्रकार के बिजली दरों में वृद्धि करने का कोई मतलब नहीं है। इसके साथ ही अब उन खबरों पर भी विराम लग गया जिसमें राज्य में बिजली बिल में वृद्धि की बात कही जा रही थी।
आयोग ने यह भी तय किया कि अब बिहार में शहरी क्षेत्र के घरेलू उपभोक्ताओं को एक ही दर पर बिजली दिया जाएगा। वहीं अब शहरी कॉमर्शियल उपभोक्ताओं को 1.20 रुपये प्रति यूनिट एवं ग्रामीण कॉमर्शियल उपभोक्ताओं को 42 पैसे प्रति यूनिट सस्ती बिजली दी जाएगी। विभागीय आंकड़ों के अनुसार इस फैसले से राज्य के 27 लाख उपभोक्ताओं को लाभ होगा।
राज्य में जुलाई 2025 से ही घरेलू उपभोक्ताओं को 125 यूनिट मुफ्त बिजली दी जा रही है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रके उपभोक्ताओं को इस योजना का लाभ मिल रहा है। गांवों की अपेक्षा शहरी क्षेत्रों में बिजली की खपत ज्यादा है। शहरी क्षेत्रों में एक परिवार न्यूनतम 200 से 225 यूनिट तक बिजली प्रतिमाह खपत करता है।
अब 01 अप्रैल 2026 से शहरी क्षेत्र के उपभोक्ताओं को 1.53 रुपये प्रति यूनिट तक बिजली कम कीमत पर उपलब्ध होगी। इसे इस तरह से समझा जा सकता है कि मान लीजिए कि किसी शहरी उपभोक्ता का एक महीने का बिजली उपभोग 225 यूनिट तक होता है तो उसे 125 यूनिट का पैसा नहीं देना होगा। बाकी बचे 125 यूनिट पर भी उसे 153 रुपये कम देना होगा।
इस निर्णय के पहले तक बिहार के शहरी घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली बिल का दो स्लैब होता था। पहले स्लैब में 01 से 100 यूनिट तक बिजली उपभोग पर सब्सिडी के साथ 4.12 रुपये प्रति यूनिट भुगतान लिया जाता था और 100 से अधिक इस्तेमाल पर यह बढ़कर 5.52 रुपये प्रति यूनिट लिया जाता था। आयोग ने दूसरे स्लैब को समाप्त कर दिया है।
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