आनंद मोहन के बयान से तेजस्वी को कितना फायदा ! कौन थैली लेकर मंत्री बनाता है !
बाहुबली नेता और पूर्व सांसद आनंद मोहन के बयान से बिहार की राजनीति में खलबली मच गई है। साफ लहजे में आनंद मोहन ने कहा कि जेडीयू में थैली की राजनीति हो रही है। आरा बक्सर में अभी एमएलसी का चुनाव हुआ है। लोगों ने इस थैली की राजनीति को करारा जवाब दिया है। दूसरा चुनाव फिर होने वाला है।
Bihar Politics यूं तो बिहार में अभी गर्मी का मौसम है और इस गर्मी के मौसम में राजनीति भी काफी गर्म हो चली है। पहले तो आरा बक्सर एमएलसी चुनाव के नतीजों से राजनीतिक मौसम गर्म हुआ था और उसके बाद पूर्व सांसद आनंद मोहन के बयानों से राजनीतिक तपिश तेज हो चली है। आनंद मोहन के बयानों पर आरजेडी की नजर भी बनीं हुई है।
बाहुबली नेता और पूर्व सांसद Anand Mohan के बयान से बिहार की राजनीति में खलबली मच गई है। साफ लहजे में आनंद मोहन ने कहा कि जेडीयू में थैली की राजनीति हो रही है। आरा बक्सर में अभी एमएलसी का चुनाव हुआ है। लोगों ने इस थैली की राजनीति को करारा जवाब दिया है। दूसरा चुनाव फिर होने वाला है।
बता दें कि आनंद मोहन की चेतावनी बेवजह नहीं है। एक जमाने में आनंद मोहन बिहार के राजपूतों और सवर्णों के सबसे बड़े नेता हुआ करते थंे। आज भी उनकी ताकत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनके बेटे चेतन आनंद विधायक हैं और पत्नी लवली आनंद सांसद हैं।
बिहार के सीतामढ़ी में एक कार्यक्रम के दौरान पूर्व सांसद आनंद मोहन ने जेडीयू की वर्तमान स्थिति के मद्देनजर खूब लानत मलामत की। उन्होंने कहा कि अब जेडीयू मे थैली की राजनीति हावी है। Nitish Kumar की मजबूरी का जमकर फायदा उठाया जा रहा है। उन्होंने सवालिया अंदाज में कहा कि वो कौन लोग हैं, जिन्होंने चेतन आनंद को नवीनगर भेज दिया ? जिन्होंने शर्फद्दीन का गला काटा ?
आनंद मोहन का बयान सिर्फ इतने पर ही सीमित नहीं रहा। उन्होंने आगे कहा कि 07 मई 2026 को गांधी मैदान में शपथ ग्रहण कार्यक्रम के दौरान नीतीश कुमार भी मौजूद थें। नीतीश कुमार यानी जेडीयू के 85 विधायकों के साथ खड़े थें लेकिन उनकी तस्वीर नहीं आई। अब तो बोर्ड पर से डिप्टी सीएम का नाम भी गायब हो गया है।
नीतीश कुमार का नाम लेते हुए आनंद मोहन ने कहा कि बेहद खराब हालात वाले बिहार में नीतीश कुमार ने जेडीयू बनाई और उसे उंचा मुकाम दिया और आज उन्हें जिंदा ही दफन कर दिया गया। नीतीश कुमार का नाम और चेहरा ही गायब कर दिया।
आनंद मोहन ने कहा कि एक एजेंडा सेट किया जा रहा है कि आनंद मोहन अपने बेटे को मंत्री नहीं बनाए जाने से बौखलाया हुआ है लेकिन जिसने थैली पहुंचाई, वो मंत्री बन गया। चेतन आनंद ने तो सरकार बचाई।
ऐलानिया लहजे में आनंद मोहन ने कहा कि बेटा सरकार बचाएगा तो सरकार भी तुम नहीं चलाओगे। सरकार चेतन आनंद चलाएगा। वो वक्त नजदीक है। ऐसे लोग जेडीयू को नहीं बल्कि पूरे एनडीए को डूबो रहे हैं। भोजपुर बक्सर एमएलसी चुनाव के नतीजों को देख लीजिए। ये थैली को जवाब मिला है। सिंह इज किंग, टाइगर अभी जिंदा है।
अब आनंद मोहन के इन बयानों के बाद कई सवाल पैदा होने लगे हैं। जेडीयू में वो कौन है जो थैली लेता है और थैली लेकर मंत्री बनाता है ! जेडीयू में अभी कौन कौन लोग हैं जो पार्टी चला रहे हैं। जाहिर तौर पर जेडीयू को इसका जवाब देना पड़ेगा। दूसरा सवाल यह है कि आनंद मोहन के बागी तेवर से क्या तेजस्वी यादव और आरजेडी को कितना फायदा होगा। यह भी तय है कि आनंद मोहन के बयानों ने आरजेडी को बैठे बिठाए एक मुद्दा दे दिया है। जब लोगों के बीच यह बात जाएगी कि थैली लेकर जेडीयू में मंत्री बनाया जाता है तो इसका सीधा फायदा आरजेडी और तेजस्वी यादव को ही होगा। वैसे भी नीतीश कुमार की जगह सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने से बिहार का राजनीतिक समीकरण इधर से उधर हो गया है।
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