आधी रात सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी की वजह जान लीजिए...
पुलिस के अनुसार यह मामला 1995 का है। गर्दनीबाग थाने में विनोद बिहारी लाल ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके मकान को धोखाधड़ी के माध्यम से किराए पर लिया गया और फिर उसे राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के कार्यालय के तौर पर इस्तेमाल किया जाने लगा।
बिहार की पूर्णिया लोकसभा सीट से निर्दलीय सांसद और कांग्रेस से संबंद्ध राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव गिरफ्तार हो गए हैं। सांसद की गिरफ्तारी देर रात राजधानी पटना के मंदिरी स्थित उनके आवास से लगभग 11:45 में हुई। यह गिरफ्तारी 31 साल पुराने एक मामले में की गई है। गिरफ्तारी से पहले पटना पुलिस और सांसद के समर्थकों के बीच तीखी नोंकझोक हुई, जिसकी वजह से माहौल तनावपूर्ण बना रहा।
सांसद पप्पू यादव को गिरफ्तार करने में पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ी। पप्पू यादव की गिरफ्तारी 1995 के एक धोखाधड़ी और धमकी के मामले में हुई। कोर्ट ने सांसद के खिलाफ वारंट जारी कर रखा था। सांसद पप्पू यादव ने बार बार यह बताने की कोशिश की कि वो कोर्ट के आदेश का पालन करने ही दिल्ली से पटना आए हैं। पप्पू यादव ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई करार दिया। उन्होंने कहा कि चूंकि वो नीट छात्रा को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं इसलिए कुछ लोग उनसे डर गए हैं।
पुलिस के अनुसार यह मामला 1995 का है। गर्दनीबाग थाने में विनोद बिहारी लाल ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके मकान को धोखाधड़ी के माध्यम से किराए पर लिया गया और फिर उसे राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के कार्यालय के तौर पर इस्तेमाल किया जाने लगा।
कोर्ट में लंबे समय से यह मामला चल रहा था। समन के बावजूद न्यायालय में पप्पू यादव उपस्थित नहीं हो रहे थें। कुछ दिनों पहले ही एमपी एमएलए कोर्ट ने सांसद की संपत्ति कुर्की का आदेश जारी किया था। कोर्ट में हाजिर नहीं होने की वजह से गिरफ्तारी का वारंट जारी हुआ।
सांसद की गिरफ्तारी के पूर्व समर्थकों और पुलिस के बीच खूब बहस हुई। समर्थकों की जिद थी कि गिरफ्तारी का वारंट दिखाया जाए। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने कोर्ट का आदेश दिखाया। इसके बाद सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी संभव हुई।
कहासुनी के दौरान पप्पू यादव ने अपनी तबीयत ठीक नहीं होने की बात कही जिसके बाद मेडिकल जांच के लिए पुलिस उन्हें इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान लेकर गई। गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने जब सांसद को गाड़ी में बैठाया तो उनके कदम डगमगाते नजर आए। ऐसी स्थिति देखकर समर्थक आक्रोशित हो गए और गाड़ी के आगे बैठ कर, लेट कर नारेबाजी करने लगें। इसके बाद सांसद को ले जाने के लिए पुलिस को मशक्कत करनी पड़ी।
सिटी एसपी मध्य भानु प्रताप सिंह ने बताया कि पूरी कार्रवाई नियमों के दायरे में की गई है। पुलिस को ये अधिकार है कि वो वारंट के आधार पर किसी भी समय गिरफ्तारी कर सकती है। सांसद की मेडिसिन और एक केयरटेकर साथ रखे गए हैं। मेडिकल औपचारिकताओं को पूरी करने के बाद उन्हे कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
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