लालूजी मर गए और काम खत्म, आरजेडी और तेजस्वी यादव पर किसने ऐसा कह दिया...
बिहार की मोकामा विधानसभा सीट से जेडीयू के बाहुबली विधायक अनंत सिंह वैसे तो अपनी बात कम ही शब्दों में रखने के लिए जाने जाते हैं लेकिन इस बार उन्होंने आरजेडी, लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव की राजनीति पर जमकर बोला है और जोरदार बोला है। अनंत सिंह ने तो नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व को ही कटघरे में खड़ा कर दिया है।
लालूजी यानी कि लालू प्रसाद यादव अगर मर जाएंगे तो क्या उनकी पार्टी आरजेडी खत्म हो जाएगी ! क्या तेजस्वी यादव उनकी पार्टी आरजेडी को बचा नहीं पाएंगे...यह सवाल खड़ा कर दिया है जेडीयू के बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने। अनंत सिंह की मानें तो जब तक लालू प्रसाद यादव हैं तभी तक आरजेडी का अस्तित्व है।
बिहार की मोकामा विधानसभा सीट से जेडीयू के बाहुबली विधायक अनंत सिंह वैसे तो अपनी बात कम ही शब्दों में रखने के लिए जाने जाते हैं लेकिन इस बार उन्होंने आरजेडी, लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव की राजनीति पर जमकर बोला है और जोरदार बोला है। अनंत सिंह ने तो नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व को ही कटघरे में खड़ा कर दिया है।
अपने अल्हड़, बेबाक और बेखौफ अंदाज के लिए जाने जाने वाले अनंत सिंह ने राजद के पूरे भविष्य की कहानी एक साक्षात्कार में कह डाला है। अनंत सिंह ने कहा कि लालू जी मर गए, कहानी खत्म। अब आपको बताते हैं कि ऐसा अनंत सिंह ने क्यों कहा ! ऐसी कौन सी नौबत आ गई कि वो लालूजी के मरने की बात करने लगें।
एक मीडियाकर्मी ने अनंत सिंह से पूछा कि आरजेडी का आरोप है कि बीजेपी ने नीतीश कुमार को हाइजैक कर रखा है। अनंत सिंह ने अपने चिर परिचित अंदाज में कहा कि ओक्कर नाम त आपे लोग लेते हैं, त नाम लोग जानता है....ओकर बच का गया है, लालूजी मर गए कहानी खतम, दोसरा पार्टी से टिकट लेवे पड़ेगा...एगो विधायक नहीं रहेगा पांच साल में...कुले ऐने ओने जाएगा, धीरे धीरे कहानी खत्म हो जाएगा।
मतलब कि अनंत सिंह आरजेडी और तेजस्वी के बारे में कह रहे हैं कि उसका यानी आरजेडी का नाम आप ही लोग लेते हैं तो लोग उनका नाम भी जानते हैं। उसका यानी तेजस्वी का क्या बच गया है, लालूजी जिस दिन मर जाएंगे, उसके बाद उनकी कहानी खत्म हो जाएगी। दूसरी पार्टी से टिकट लेना पड़ेगा। एक विधायक भी नहीं बचेगा पांच साल में। सब इधर से उधर जाएगा और धीरे धीरे कहानी समाप्त हो जाएगा।
हालांकि लालू प्रसाद यादव जी दीर्घायु हो और स्वस्थ रहें हमारी यह कामना है लेकिन हम यह खबर आपको अनंत सिंह के बयानों के आधार पर बता रहे हैं। अनंत सिंह यह कहना चाहते हैं कि अब बिहार की राजनीति में राजद का कोई भविष्य नहीं है। लालू प्रसाद यादव जब तक हैं तब तक आरजेडी है। तेजस्वी यादव के नेतृत्व में आरजेडी का कोई भविष्य नहीं है। इन पांच सालों के अंदर ही उनके सारे विधायक दूसरे दलों का रुख कर लेंगे। उनके कहने का यही मतलब है कि 243 में महज 25 सीट जीतने वाली पार्टी का कोई नाम लेने वाला नहीं है लेकिन मीडिया के लोग ही उनका नाम लेते रहते हैं और उनको प्रासंगिक बनाए रखते हैं। मीडिया नाम नहीं ले तो लोगों को पता भी नहीं चलेगा कि बिहार में आरजेडी नाम की कोई पार्टी भी है।
चलिए, यह तो बात हो गई अनंत सिंह के बयानों की लेकिन क्या सच में बिहार में आरजेडी को कोई नहीं जानता है, इस बात में कितना दम है तो अब सुनिए हमारी राय !
चुनाव में हार जीत लगी रहती है लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि पार्टी का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने समय रहते अपनी पार्टी को नया नेतृत्व दे दिया है। तेजस्वी यादव युवा हैं और पार्टी को चला रहे हैं। तेजस्वी के नेतृत्व में आरजेडी ने कई चुनाव लड़े हैं। तेजस्वी यादव में कई कमियां हो सकती है लेकिन यह सच है कि आरजेडी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने तेजस्वी को अपना नेता स्वीकार कर लिया है। इसमें कोई किन्तु परन्तु नहीं है।
आज भी बिहार में विपक्ष का सबसे बड़ा चेहरा या यूं कह लें कि विपक्ष के पोस्टर ब्वॉय तेजस्वी यादव ही हैं। बिहार में शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा जो आरजेडी और तेजस्वी यादव का नाम नहीं जानता होगा। ऐसे में अनंत सिंह के दावे का कोई मतलब नहीं है। तेजस्वी यादव बिहार की राजनीति का एक बड़ा नाम है जो आने वाले कई दशकों तक इधर उधर नहीं करने जा रहा है। वहीं बात आरजेडी की करें तो आरजेडी एक विचारों वाली पार्टी है। कोई भी राजनीतिक दल विचारधारा के आधार पर ही चलता है। आरजेडी खुद को समाजवादी और धर्मनिरपेक्ष विचारधारा की पार्टी कहती है और अपने सिद्धांतों पर चलते हुए वो कभी भी भाजपा के साथ नहीं गई, हालांकि कई मौके तेजस्वी के पास थें लेकिन वो भाजपा के साथ नहीं गए।
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