पीएम मोदी का जन्मदिन: बिहार में नहीं दिखा कोई खास उत्साह
सिर्फ भाजपा और आरएसएस के कार्यकर्ता ही जगह जगह पर दीप प्रज्ज्वलित करते हुए दिखाई पड़ें या सिर्फ वो लोग जो सरकारी कर्मचारी थें और सरकार के आदेश का पालन कर रहे थें। यहां तक की भाजपा के कट्टर समर्थक भी इस प्रकार के तुगलकी फरमान के पक्ष में दिखाई नहीं पड़ रहे थें।
17 सितंबर को पीएम नरेंद्र मोदी का जन्मदिन था। सरकारी स्तर और भारतीय जनता पार्टी के स्तर से इसे भव्य रुप से मनाने की तैयारी थी लेकिन मोदी के जन्मदिन को लेकर जनता में कोई खास उत्साह नहीं दिखाई पड़ा। मोदी के जन्मदिन पर अधिकांश घरों में आर्शीवाद का दीया जलता हुआ दिखाई नहीं पड़ा।
सिर्फ भाजपा और आरएसएस के कार्यकर्ता ही जगह जगह पर दीप प्रज्ज्वलित करते हुए दिखाई पड़ें या सिर्फ वो लोग जो सरकारी कर्मचारी थें और सरकार के आदेश का पालन कर रहे थें। यहां तक की भाजपा के कट्टर समर्थक भी इस प्रकार के तुगलकी फरमान के पक्ष में दिखाई नहीं पड़ रहे थें।
राजधानी पटना के कई लोगों ने इस बात पर अफसोस व्यक्त किया कि 50 लाख से ज्यादा की आबादी बाढ़ का संकट झेल रही है। लोगों के लिए राहत कार्य में तेजी लाने के लिए काम करना चाहिए था तो सरकार में बैठे लोग इस तरह के गैर जरुरी काम कर रहे हैं। एक तरह से बिहार के लोगों ने इस जन्मदिवस को इवेंट की शक्ल देने का न सिर्फ पुरजोर विरोध किया बल्कि इसे खारिज भी कर दिया।
कई लोगों ने अपनी बात रखते हुए यह भी कहा कि ये वही देश है जो मोदी के एक फरमान पर ताली थाली तक बजाने लगता था और आज उन्हीं के जन्मदिन पर लोग एक दीया जलाने को तैयार नहीं है। भाजपा को जिसने यह सलाह दिया होगा, उसने भाजपा का बड़ा नुकसान कर दिया है क्योंकि भाजपा और मोदी दोनों की लोकप्रियता की पोल आज खुल गई।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0