Prashant Kishor News: बिहार में हार के बाद प्रशांत किशोर ने किया ऐलान, चार भ्रष्ट नेताओं के खिलाफ जन सूरज करेगा सख्त कदम
Prashant Kishor News: बिहार विधानसभा चुनावों में भारी हार के बाद, जन सुधार के संस्थापक प्रशांत किशोर ने मंगलवार, 18 नवंबर को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई अहम मुद्दों पर
Prashant Kishor News: बिहार विधानसभा चुनावों में भारी हार के बाद, जन सुधार के संस्थापक प्रशांत किशोर ने मंगलवार, 18 नवंबर को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई अहम मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि नई एनडीए सरकार का गठन होने से पहले यदि चार नेताओं को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया, जिन पर उन्होंने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे, तो जन सुधार विरोध करेगा और अदालत का रुख करेगा।
प्रशांत किशोर ने उन चार नेताओं के नाम लिए, जिन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। इनमें उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, मंत्री मंगल पांडेय, मंत्री अशोक चौधरी और सांसद संजय जयसवाल शामिल हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता ने लूट और भ्रष्टाचार को मंजूरी नहीं दी है, और यदि ये चारों भ्रष्टाचारी नेता मंत्री बने, तो जन सुधार न्यायालय में जाकर उनके खिलाफ कार्रवाई करेगा।
भ्रष्टाचार के आरोप और पूर्व विवाद
सच पूछें तो, सितंबर 2025 में बिहार विधानसभा चुनाव से पहले प्रशांत किशोर ने एनडीए के चार नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि मंगल पांडेय ने 2019 और 2020 में अपनी पत्नी उर्मिला पांडेय के बैंक खाते में 2 करोड़ रुपये से अधिक जमा किए, जिनका स्रोत कभी स्पष्ट नहीं किया गया। प्रशांत किशोर ने इसे अवैध संपत्ति करार दिया और सवाल उठाया कि जनता के पैसे का दुरुपयोग हुआ है।
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर भी गंभीर आरोप लगाए गए। किशोर ने कहा कि वे सदानंद सिंह हत्या मामले में आरोपी थे और फर्जी उम्र प्रमाण पत्र दिखाकर जेल से बाहर आए। उन्होंने अपने हलफनामे में अपनी आयु और डिग्री के बारे में गलत जानकारी दी थी। 1998 के सदानंद हत्या मामले में उन्होंने खुद को नाबालिग घोषित किया और छह महीने के भीतर जेल से रिहा हो गए।
अशोक चौधरी और जमीन की खरीदारी के आरोप
प्रशांत किशोर ने जदयू नेता अशोक चौधरी पर भी आरोप लगाए कि उन्होंने 2021 में बिक्रम, पटना में 23 कट्ठा बेनामी जमीन अपने व्यक्तिगत सहायक के नाम खरीदी और बाद में इसे अपनी बेटी शम्भवी चौधरी के नाम ट्रांसफर कर दी। इसके अलावा, 2019 में उन्होंने अपनी निजी सचिव योगेंद्र दत्त के नाम 23 कट्ठा और जमीन खरीदी, जिसे दो साल बाद अपनी बेटी के नाम 34 लाख रुपये में ट्रांसफर किया गया।
जन सुधार का फैसला और जनता की उम्मीद
प्रशांत किशोर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि जनता ने सरकार में ईमानदार और निस्वार्थ नेताओं को चुनने का अधिकार दिया है। यदि भ्रष्ट नेता सत्ता में आए, तो जन सुधार लोकतांत्रिक तरीके से अदालत का सहारा लेकर जनता की उम्मीदों के अनुरूप कार्रवाई करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका मकसद किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं बल्कि भ्रष्टाचार और अवैध संपत्ति के खिलाफ न्याय सुनिश्चित करना है। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि वे इस मुद्दे पर जागरूक रहें और नई सरकार से पारदर्शिता और जवाबदेही की उम्मीद रखें।
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