राजद, कांग्रेस नेताओं की सुरक्षा घटी, भाजपा जदयू की बढ़ी
बिहार में भाजपा, जदयू नेताओं की सुरक्षा को बढ़ा दिया गया है जबकि राजद और कांग्रेस नेताओं की सुरक्षा को कम कर दिया गया है। इसको लेकर बिहार की राजनीति में एक नया सियासी खेल शुरू होने वाला है।
बिहार की राजनीति में कुछ न कुछ नया होता रहता है। पिछले विधानसभा चुनाव में सत्ता का समीकरण बदला तो सुरक्षा का समीकरण भी बदलने की कवायद शुरू हो गई। एक तरफ तो बिहार में एनडीए को विशाल बहुमत मिला तो दूसरी तरफ बिहार के नेता नितिन नवीन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए।
इसके साथ ही बिहार में जहां सत्ताधारी दलों के नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता किया गया तो विपक्षी नेताओं की सुरक्षा में कटौती कर दी गई। बीजेपी और जदयू के नेताओं की सुरक्षा Z कैटेगरी तक बढ़ा दी गई और विपक्षी राजद और कांग्रेस नेताओं की सुरक्षा कम कर दी गई।
गृह मंत्रालय के नए निर्णय के अनुसार भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह को Z कैटेगरी की सुरक्षा दी गई है। बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय और बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी को भी Z कैटेगरी की सुरक्षा दी गई है।
वहीं दूसरी तरफ की बात कर लें तो बिहार में विपक्ष का सबसे बड़ा चेहरा, विधानसभा में विरोधी दल के नेता तेजस्वी यादव की सुरक्षा में कटौती कर दी गई है। विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री पद का चेहरा रहे तेजस्वी यादव की सुरक्षा Z से घटाकर Y+ कर दिया गया है। जाहिर है तेजस्वी की सुरक्षा में कटौती एक बड़ा सियासी मुद्दा बनेगा।
कांग्रेस के नेताओं की सुरक्षा को पूरी तरह से हटा लिया गया है। कांग्रेस के मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ मदन मोहन झा की सुरक्षा हटा ली गई है। इस लिस्ट में राजद नेता और पूर्व विधानसभा स्पीकर उदय नारायण चौधरी का भी नाम है।
सुरक्षा व्यवस्था में हुई इस बढ़ोतरी और कटौती को जहां सत्तापक्ष रूटीन वर्क बता रहा है तो वहीं कांग्रेस के प्रवक्ता असित नाथ तिवारी कहते हैं कि बिहार की वर्तमान सरकार को यह भ्रम हो चला है कि सत्ता कभी इनके हाथ से नहीं जाएगी। उन्होंने सरकार पर प्रहार करते हुए कहा कि हमारे नेताओं की सुरक्षा की चिंता छोड़ दें, यहां बिहार के हर आदमी का जीवन हर पल हर क्षण खतरे में है।
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