बिहार के दो नेताओं को कांग्रेस ने दी बड़ी जिम्मेदारी

सीनियर ऑब्जर्वर बनाए गए इन नेताओं की भूमिका चुनाव में बेहद महत्वपूर्ण होगी।

Jan 8, 2026 - 08:17
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बिहार के दो नेताओं को कांग्रेस ने दी बड़ी जिम्मेदारी

अगले कुछ महीनों में देश के कई दूसरे राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इनमें पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी है। 

वैसे तो इनमें से अधिकांश राज्यों में क्षेत्रीय दलों का ही प्रभाव है लेकिन कांग्रेस और भाजपा जैसे राष्ट्रीय दलों की भी मजबूत उपस्थिति है। 

वैसे में देश की सबसे पुरानी और विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस की तैयारियां भी खुल कर सामने आ गईं हैं। बिहार से जुड़े दो नेताओं को कांग्रेस ने इन चुनावी राज्यों में बड़ी जिम्मेदारी दी है। 

कन्हैया कुमार और शकील अहमद खान...ये वो दो नाम है जो आगामी विधानसभा चुनावों के लिए AICC यानी अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सीनियर ऑब्जर्वर बनाए गए हैं। 

कन्हैया कुमार को दक्षिण भारत के राज्य केरल में सीनियर ऑब्जर्वर बनाया गया है जबकि शकील अहमद खान को पश्चिम बंगाल की जिम्मेदारी दी गई है। 

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इन नेताओं को जिम्मेदारी और जवाबदेही सौंपी है।

केरल में कन्हैया कुमार.... राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट, के जे जॉर्ज, राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी के साथ काम करेंगे। 

जबकि पश्चिम बंगाल में शकील अहमद खान सुदीप रॉय बर्मन और प्रकाश जोशी के साथ काम करेंगे। 

कन्हैया कुमार जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष के रूप में देश भर में अच्छे खासे चर्चित हुए थें। इसके बाद वो बिहार की बेगूसराय सीट और दिल्ली से भी लोकसभा का चुनाव लड़े लेकिन कामयाब नहीं हो पाए। कन्हैया अभी कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई के राष्ट्रीय प्रभारी हैं। 

मजेदार बात यह है कि कन्हैया कुमार का राजनीतिक उदय कम्युनिस्ट राजनीति से हुआ है और उन्हें कांग्रेस ने उस केरल में ड्यूटी लगाई है जहां कांग्रेस और कम्युनिस्ट सीधी टक्कर में हैं। चुनावी हार जीत कांग्रेस और कम्युनिस्ट के बीच ही होना है। कन्हैया कुमार फायर ब्रांड नेता हैं। जबरदस्त वक्ता हैं। वामपंथ के गढ़ में कन्हैया कांग्रेस के नेता के रूप में दहाड़ते हुए दिखाई दे सकते हैं। 

कांग्रेस के लिए केरल एक मजबूत राज्य है और वैसे में कन्हैया कुमार को सीनियर ऑब्जर्वर बनाकर भेजना यह साफ संदेश देता है कि कांग्रेस की आंतरिक राजनीति और संगठन में कन्हैया कुमार का कद लगातार बढ़ता जा रहा है।

वहीं शकील अहमद खान का लम्बा सियासी अनुभव है। वो कांग्रेस विधायक दल के नेता रहे हैं। उनका लम्बा राजनीतिक अनुभव पश्चिम बंगाल में कांग्रेस के काम आ सकता है। वहीं पश्चिम बंगाल का सियासी गणित भी शकील अहमद खान के हक में जाता हुआ दिखता है। 

अब बात करते हैं, इन पर्यवेक्षकों की भूमिका की तो बता दें कि इन नेताओं का काम चुनावी राज्यों में प्रदेश कांग्रेस कमेटियों से संपर्क और समन्वय स्थापित करना और उसकी रिपोर्ट सीधे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को देना होगा।

ग्रैंड ओल्ड पार्टी कांग्रेस ने कन्हैया कुमार के रूप में युवा चेहरे और शकील अहमद खान के रूप में एक अनुभवी चेहरे को जिम्मेदारी देकर संतुलन साधने का प्रयास किया है। ये दोनों नेता जमीनी स्तर पर संगठन के बीच तालमेल बैठाने से लेकर टिकट वितरण और चुनाव प्रचार तक की निगरानी करेंगे।

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