BPSC ट्रांसफर की गड़बड़ियों से स्कूलों में हंगामा—जहाँ स्टूडेंट नहीं, वहाँ टीचर; जहाँ ज़रूरत, वहाँ पूरी कमी
BPSC द्वारा शिक्षकों की तैनाती और स्थानांतरण में हो रही अनियमितताओं ने बिहार के कई स्कूलों की वास्तविक स्थिति को उजागर कर दिया है। कई विद्यालयों
BPSC द्वारा शिक्षकों की तैनाती और स्थानांतरण में हो रही अनियमितताओं ने बिहार के कई स्कूलों की वास्तविक स्थिति को उजागर कर दिया है। कई विद्यालयों में ऐसे विषयों के शिक्षक नियुक्त हैं, जिन विषयों के छात्र ही मौजूद नहीं हैं। खासकर उच्च माध्यमिक और इंटर कॉलेजों में जहाँ छात्रों की संख्या अधिक है, वहाँ शिक्षक नहीं मिल रहे हैं। इस व्यवस्था ने अधिकांश स्कूलों में शिक्षण प्रक्रिया को बुरी तरह प्रभावित किया है। सबसे अधिक परेशानी वाणिज्य (कॉमर्स) संकाय में देखने को मिल रही है, जहाँ शिक्षक तो हैं, लेकिन पढ़ाने के लिए छात्र मौजूद नहीं हैं।
जिले में बीपीएससी ने अर्थशास्त्र, उद्यमिता, व्यवसाय अध्ययन और लेखाशास्त्र जैसे विषयों के कुल 71 से अधिक शिक्षकों की तैनाती की है। लेकिन हैरानी की बात है कि इनमें से केवल सात शिक्षक ही वास्तव में छात्रों को पढ़ा रहे हैं। बाकी 65 शिक्षक ऐसे स्कूलों में तैनात हैं, जहाँ न तो कॉमर्स संकाय संचालित है और न ही एक भी कॉमर्स का छात्र नामांकित है। यानी 90% से अधिक शिक्षक पिछले दो वर्षों से बिना पढ़ाए वेतन प्राप्त कर रहे हैं। अधिकांश शिक्षक ऐसे नवउन्नत उच्च विद्यालयों में पोस्टेड हैं, जिन्हें अब तक कॉमर्स विषय में नामांकन का कोड तक नहीं मिला है। वहीं दूसरी ओर, जिन तीन स्कूलों में कॉमर्स के छात्र मौजूद हैं—आरएमके, नवादा बाज़ार और कटोरिया हाई स्कूल—वहाँ शिक्षकों की भारी कमी बनी हुई है।
कुछ स्कूलों में शिक्षक अधिक, छात्रों की संख्या शून्य
स्थिति यह है कि जयपुर हाई स्कूल में तीन कॉमर्स शिक्षक मौजूद हैं, लेकिन एक भी छात्र नामांकित नहीं होता। शहर के MRD, एसएस गर्ल्स और ककोवाड़ा हाई स्कूल में भी कॉमर्स का एक भी छात्र नहीं है, फिर भी इन स्कूलों में शिक्षक तैनात किए गए हैं। इसके विपरीत, आरएमके जैसे स्कूल हर साल 120 से अधिक कॉमर्स छात्रों का नामांकन लेते हैं, लेकिन 12 वर्षों से वहाँ केवल एक ही कॉमर्स शिक्षक है। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट आदेश दिया है कि नवउन्नत हाई स्कूलों में कॉमर्स शिक्षकों की तैनाती नहीं की जानी चाहिए, फिर भी जिले के लगभग 70 शिक्षक इन्हीं स्कूलों में भेजे गए हैं। मजबूरी में व्यवसाय अध्ययन के शिक्षक नऊबहार सबीर, रंगोली कुमारी, राजेश कुमार और अन्य शिक्षक हिंदी और अंग्रेजी पढ़ाने को विवश हैं क्योंकि उनके स्कूलों में कॉमर्स की पढ़ाई शुरू ही नहीं हुई है।
शिक्षक स्थानांतरण की प्रक्रिया जारी, सुधार की उम्मीद
जिले में कॉमर्स संकाय के शिक्षकों की संख्या अकाउंटेंसी-18, बिज़नेस स्टडीज़-19, उद्यमिता-13 और अर्थशास्त्र के 37 हैं। इन शिक्षकों को पटना से ऑनलाइन पोस्टिंग के माध्यम से भेजा गया था। कई स्कूलों में छात्रों के बिना ही विषयवार शिक्षक तैनात कर दिए गए, जिसकी जानकारी राज्य मुख्यालय को दे दी गई है। बैंक बह का डीईओ देव नारायण पंडित का कहना है कि स्थानांतरण की प्रक्रिया जारी है और जल्द ही स्थिति सुधारने का प्रयास किया जाएगा। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में शिक्षकों की तैनाती छात्रों की संख्या और विषयगत आवश्यकता के अनुसार की जाएगी, ताकि विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था पटरी पर लौट सके।
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