बिहार कैबिनेट मीटिंग, 20 महत्वपूर्ण एजेंडे पर मुहर
सीएम सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बिहार कैबिनेट की मीटिंग हुई जिसमें कई प्रस्तावों पर मुहर लगी है। कैबिनेट मीटिंग के बाद राज्य के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने विस्तार से पारित एजेंडों की जानकारी साझा की है।
बिहार कैबिनेट विस्तार से पहले सीएम सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में कैबिनेट मीटिंग हुई जिसमें 20 अहम एजेंडों पर मुहर लगाई गई है। राज्य सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन और तकनीक के क्षेत्र में बड़े फैसले लिए गए हैं।
सीएम सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बिहार कैबिनेट की मीटिंग हुई जिसमें कई प्रस्तावों पर मुहर लगी है। कैबिनेट मीटिंग के बाद राज्य के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने विस्तार से पारित एजेंडों की जानकारी साझा की है। चौधरी के अनुसार इस कैबिनेट मीटिंग में लिए गए फैसलों से राज्य में सुशासन, तकनीक, परिवहन और आधुनिक व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
बिहार सरकार ने इस कैबिनेट मीटिंग में बिहार एआई मिशन के गठन को स्वीकृति प्रदान कर दी है। बिहार एआई मिशन का उद्देश्य बिहार को एआई के क्षेत्र में आगे बढ़ाना है। इस मिशन के तहत सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के समन्वय और सहयोग से यह प्रशिक्षण कार्यक्रम चलेगा।
सरकार का मानना है कि एआई मिशन के माध्यम से राज्य के प्रशासन, आर्थिक प्रबंधन और कृषि के क्षेत्र में व्यापक सुधार होगा। डेटा आधारित निर्णय बिहार की व्यवस्था और प्रशासन को अत्यधिक पारदर्शी और जवाबदहे बनाएगा।
सीतामढ़ी में बन रहे मेडिकल कॉलेज के नाम परिवर्तन पर मुहर लगी है। इस क्षेत्र के पौराणिक और धार्मिक महत्व को देखते हुए इस मेडिकल कॉलेज को अब मां सीता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के नाम से जाना जाएगा।
पीएम ई बस सेवा योजना के अंतर्गत राज्य में 400 ई बसें चलाई जाएंगी। राजधानी पटना में 150 जबकि भागलपुर, गया, दरभंगा और पूर्णिया जैसे अन्य शहरों में 50,50 बसें चलाई जाएंगी। इस योजना के क्रियान्वयन के लिए 517.16 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। यह योजना 12 वर्षों के लिए होगी।
वहीं बिहार में आने वाले नगर निकाय चुनावों में दिव्यांगों और वरिष्ठ नागरिकों के हित में ई वोटिंग की सुविधा प्रदान की जाएगी। बिहार से बाहर रहने वाले मतदाताओं के लिए भी यह बेहद सुविधाजनक होगा। इस योजना पर लगभग 31.45 लाख रुपये खर्च होंगे। इसके क्रियान्वयन के लिए एक केंद्रीय तकनीकी संस्थान को जिम्मेदारी दी गई है।
इसके साथ ही एक अन्य फैसले में राज्य की 19,300 किलोमीटर सड़कों के मेंटनेंस के लिए लगभग 15,967 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सड़कों की निगरानी एआई के माध्यम से की जाएगी। शेखपुरा और अरवल समेत बिहार के कई जिलों में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना के लिए एक रुपये के टोकन पर 30 साल की लीज पर जमीन उपलब्ध कराया जाएगा।
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