जीतन राम मांझी ने उड़ता तीर लिया, फंसे तो बताया मुसहर की औलाद !
मांझी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया जिसमें वो यह कह रहे हैं कि मेरे एक वीडियो के साथ छेड़छाड़ कर वायरल करने वाले कुछ लोगों को लगता है कि वो मुसहर के लाल को बदनाम कर देंगे। ऐसे लोगों को मैं बता देना चाहता हूं कि अब मुसहर के बेटे को कोई ना तो अपमानित कर सकता है और ना ही बेवकूफ बना सकता है। आसमान पर थूकने वालों तुम यह भूल रहे हो कि आसमान पर फेंका हुआ थूक तुम्हारे मुंह पर ही गिरेगा। अब मांझी ब्रांड हो चुका है, किसी से डरने वाला नहीं है।
केंद्र की मोदी सरकार में मंत्री अपने बड़बोलेपन की वजह से फंसते हुए दिखाई दे रहे हैं। चौतरफा हमला होते देख अब जीतन राम मांझी बात को इधर से उधर मोड़ने की कोशिश में लग गए हैं।
पहले तो कें्रद्रीय मंत्री मांझी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ जिसमें वो यह कहते हुए सुनाई और दिखाई पड़ रहे हैं कि 2020 में 2600 वोट से हार रहे उम्मीदवार को डीएम से कहकर जीत दिला दिए थें। इस बार 1600 वोट से हारे लेकिन हमें बताया ही नहीं गया। इस वीडियो में जीतन राम मांझी ने तत्कालीन जिलाधिकारी का भी जिक्र किया जो फिलहाल त्रिपुरा में पोस्टेड बताए जा रहे हैं।
यह वीडियो गया जिले के बारा चट्टी विधानसभा क्षेत्र के मोहनपुर प्रखंड के एक कार्यक्रम का है, जहां जीतन राम मांझी मगही भाषा में एक सभा को संबोधित कर रहे हैं।
जब विवाद बढ़ा तो मांझी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया जिसमें वो यह कह रहे हैं कि मेरे एक वीडियो के साथ छेड़छाड़ कर वायरल करने वाले कुछ लोगों को लगता है कि वो मुसहर के लाल को बदनाम कर देंगे। ऐसे लोगों को मैं बता देना चाहता हूं कि अब मुसहर के बेटे को कोई ना तो अपमानित कर सकता है और ना ही बेवकूफ बना सकता है। आसमान पर थूकने वालों तुम यह भूल रहे हो कि आसमान पर फेंका हुआ थूक तुम्हारे मुंह पर ही गिरेगा। अब मांझी ब्रांड हो चुका है, किसी से डरने वाला नहीं है।
अब यहां सवाल है कि अगर मांझी की वीडियो के साथ छेड़छाड़ हुई है तो उन्हें अपना सही और ऑरिजिनल वीडियो सबके सामने रख देना चाहिए। बात समाप्त हो जाएगी। इसके साथ ही अगर सच में मांझी की वीडियो के साथ छेड़छाड़ हुई है तो ऐसा करने वाले पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। साच को आंच क्या ! मांझी केंद्र में मंत्री हैं, बेटा बिहार सरकार में मंत्री हैं। चारों तरफ सरकार ही सरकार में शामिल हैं !
हालांकि इस पोस्ट में भी मांझी बड़बोलेपन से बाज नहीं आए और खूद को आसमान बताने लगें और ब्रांड बताना शुरु कर दिया। अपने ही पोस्ट में अपनी तारीफ...
मांझी के वायरल वीडियो पर बिहार की मुख्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल ने सोशल मीडिया पर एक लंबा चौड़ा पोस्ट करते हुए लिखा कि ये भारत सरकार के कैबिनेट मंत्री, हम पार्टी के सरंक्षक और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी हैं जो ठगेश कुमार जैसे पालतू पिद्दी आयुक्त के मुंह पर करारा तमाचा जड़ डंके की चोट पर खुले मंच से चुनाव नतीजों में हेरा फेरी, मशीनरी और धांधली से चुनाव जीनने का शाही फॉमूला बता रहे हैं।
ये बता रहे हैं कि कैसे इनकी पार्टी ने वर्ष 2020 में हुए विधानसभा चुनाव में 2700 वोट से हारने के बाद टिकारी विधानसभा का चुनाव जीता था और कैसे त्रिपुरा कैडर के 2006 बैच के बिहार में डेप्यूटेशन पर पदस्थापित तत्कालीन भ्रष्ट, जातिवादी, निकम्मे, नालायक और नाजायज जिलाधिकारी अभिषेक सिंह ने अपनी शपथ भूल कर बाबा साहेब के संविधान की धज्जियां उड़ाते हुए अनैतिक रुप से चुनाव जीताने में उनकी मदद की थी। इसका उस भ्रष्ट अधिकारी को ईनाम भी मिलता रहा और वो बिहार में एक्सटेंशन पर एक्सटेंशन प्राप्त करता रहा।
आरजेडी आगे कहती है कि केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी इस बार 2025 के चुनाव में टिकारी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव हारने का और पिछला कारनामा ना दोहरा पाने का अफसोस जता रहे हैं। साथ ही त्रिपुरा में बैठा यह अफसर भी शोक मना रहा है। अब कहां है बिकाउ चुनाव आयुक्त और चुनाव आयोग ! क्या यही है लोकतंत्र !
यही मोदी की कृत्रिम लोकप्रियता और बेईमानी के चाणक्य की सच्चाई है। इन लोगों मिलकर दोनों चुनाव में युवा जुझारु क्रांतिकारी नेता तेजस्वी यादव का राजनीतिक वध करने का असफल प्रयास किया। लेकिन सच्चाई को कब तक छुपाओगे। कब तक जनता को 41हजार करोड़ बांटकर, बेईमानी कर, धांधली कर, मशीन की मदद से भ्रष्ट अधिकारियों के काले कारनामों से झूठे चुनाव जीतते रहेंगे ! तुम्हारा भांडा अवश्य फूटेगा ।
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