चिराग पासवान के MPLADS का हाल जान लीजिए, बातें ज़्यादा काम कम !
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान एक लोकसभा सांसद के तौर पर कितने एक्टिव और सफल हैं, उसकी कहानी आपके सामने है।
राजनीति के धुरंधर लोग ठीक ही कहते हैं जो नेता ज्यादा बोलता है, उसका आचरण ठीक उसका उल्टा होता है "
अब चिराग पासवान को ही ले लीजिए । केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में मंत्री हैं। अपनी घरेलू पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। बिहार की हाजीपुर लोकसभा सीट से सांसद हैं। बिहार फर्स्ट बिहारी फर्स्ट का नारा देते हैं। केंद्र सरकार में चिराग खुद मंत्री हैं और बिहार सरकार में भी उनके दो मंत्री हैं।
" बिहार फर्स्ट बिहारी फर्स्ट का " नारा देने वाले चिराग पासवान सांसद के रूप में कितने कारगर और कामयाब हैं, वो देख सुन कर ही आप समझ जाएंगे कि वो कितने एक्टिव पॉलिटिशियन हैं।
चिराग पासवान की सांसद निधि का आंकड़ा खंगाला गया तो जो उससे जानकारी मिली वो चिराग पासवान की असली कहानी बयान करने वाली है।
हाजीपुर के सांसद चिराग पासवान को क्षेत्र का विकास कराने के लिए 9 करोड़ 80 लाख रुपए अभी तक मिले हैं।
क्षेत्र के विकास के प्रति इनकी गंभीरता का स्तर देखिए, इन्होंने खर्च मात्र 1 करोड़ 80 लाख रुपए किए हैं। हाजीपुर लोकसभा क्षेत्र में समस्याओं का अंबार है लेकिन बयानों और भाषणों से इनका काम ज्यादा चल जाता है।
इतना ही नहीं अभी और आगे सुनिए, इन्होंने 70 विकास कार्यों की अनुशंसा की है जिनमें पूरे सिर्फ 12 हुए हैं।
अभी आगे की कहानी और है। जो 12 विकास कार्य कथित रूप से पूरे हुए हैं, उनकी तस्वीर भी पोर्टल पर अपलोड नहीं है यानी कि कोई सबूत नहीं है।
ये सारा विवरण चिराग पासवान के MPLADS पोर्टल पर दिया हुआ है।
बाकी बिहार के कुछ " नॉन पॉलिटिकल " लोग चिराग पासवान को बिहार का भावी मुख्यमंत्री बताते थकते नहीं हैं लेकिन काम के नाम पर उपलब्धि शून्य है।
चिराग पासवान के अब तक के कामों को देखें तो उनके लिए बिहार फर्स्ट बिहारी फर्स्ट सिवाय जुमला के और ज्यादा कुछ भी नहीं।
चिराग पासवान 2 साल से केंद्र में मंत्री हैं। लगातार तीसरी बार सांसद हैं। 02 बार वो जमुई के सांसद रहें। सीट छोड़ी तो अपने जीजाजी को सांसद बनवा दिया। जमुई के लिए उन्होंने क्या किया, जवाब नहीं है।
बिहार के युवाओं को रोजगार देने के लिए उनका कौन सा प्रोजेक्ट धरातल पर उतरा है, उसकी जानकारी उन्हें बिहार की पब्लिक को जरूर देनी चाहिए।
अभी तो उनकी सांसद निधि का हाल सबके सामने है। बिहार की दुर्गति के लिए नेताओं से ज्यादा जनता ही जिम्मेदार है क्योंकि वो जिसे वोट देती है, उससे सवाल नहीं पूछती और न कोई जवाबदेही तय करती है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0