नीतीश राज का अंत ! इन कामों के लिए याद रखे जाएंगे नीतीश कुमार
अब नीतीश कुमार केंद्र की राजनीति में सक्रिय दिखाई देंगे। बिहार में उनके 20 साल के शासन का अंत होने जा रहा है। नीतीश कुमार ने बतौर सीएम बिहार को अंधेरे और गड्ढे से निकाला, इसके लिए उन्हें आजीवन याद रखा जाएगा।
बिहार के सीएम नीतीश कुमार की लंबी पारी का अब अवसान होने वाला है। नीतीश कुमार अब पटना से दिल्ली की राजनीति में शिफ्ट हो जाएंगे। नीतीश कुमार को राज्यसभा के रास्ते दिल्ली भेज कर बिहार की राजनीति से दूर किया जा रहा है। ऐसा नीतीश कुमार स्वेच्छा से कर रहे हैं या फिर उन पर किसी तरह का दबाव बनाया जा रहा है, यह तो आने वाले वक्त में पता चलेगा लेकिन बिहार की राजनीति में उन्हें सचमुच विकास पुरुष के रूप में याद किया जाएगा।
हालांकि नीतीश कुमार की सरकार में कुछ काम ऐसे भी हुए जिनकी वजह से बिहार की जनता की आलोचना का सामना करना पड़ा लेकिन उपलब्धियों के आगे विफलता छोटी लगी। नीतीश कुमार के आलोचक भी इस बात को स्वीकार करते हैं कि नीतीश कुमार ने बिहार को अंधेरे और गड्ढे से बाहर निकाला।
आइए, एक नज़र सीएम नीतीश कुमार की महत्वपूर्ण उपलब्धियों पर डालते हैं।
24 घंटे बिजली : नीतीश युग से पहले बिहार में बिजली का आना ख़बर होती थी। राजधानी पटना के अलावा किसी भी हिस्से में लगातार बिजली नहीं रहती थी। ग्रामीण क्षेत्रों का तो और बुरा हाल था। आज बिहार में 24 घंटे बिजली है। चाहे राज्य की राजधानी हो या कोई सुदूर गांव की तलहटी। हालांकि इसमें योगदान केंद्र की मनमोहन सरकार का भी रहा। डॉ मनमोहन सिंह सरकार ने देश भर में पर्याप्त बिजली उपलब्धता सुनिश्चित करवाया।
कानून व्यवस्था में सुधार : नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री बनने से पूर्व बिहार में कानून व्यवस्था की स्थिति दयनीय थी। अपहरण, रंगदारी, नरसंहार ये सब रोजमर्रा की खबरों के अंग हुआ करते थें। नीतीश कुमार ने बिहार में सत्ता संभालते ही कानून का राज स्थापित किया। नक्सलवाद समाप्त हुआ। तेज तर्रार आईपीएस अधिकारियों को साथ लेकर नीतीश ने जंगलराज को " सुशासन " में बदल दिया।
महिला सशक्तिकरण : बिहार की बेटियां आज स्कूल ड्रेस पहन कर साइकिल से जाती हुई दिख रही हैं, उसके शिल्पकार नीतीश कुमार हैं। आज जो आपको वार्ड सदस्य से लेकर जिला परिषद् अध्यक्ष और पार्षद से लेकर मेयर तक महिला दिखाई पड़ रही हैं वो नीतीश कुमार की बदौलत। बिहार पुलिस हो या शिक्षक, हर क्षेत्र में महिलाओं की मजबूत दस्तक सीएम नीतीश कुमार की नीतियों की वजह से है।
बेहतरीन सड़क नेटवर्क : बिहार में सड़कों का जाल आज इतना सघन है कि किसी भी जिला मुख्यालय से राजधानी पटना का सफर कुछ घंटों में पूरा हो जाता है। हर गांव गांव तक पक्की और बेहतरीन सड़क है। एक शहर को दूसरे शहर से जोड़ने वाली सड़कें भी हाईवे की तरफ चमकती है । इसके लिए सीएम नीतीश कुमार याद रखे जाएंगे।
ये उपलब्धियां नीतीश कुमार के नाम लिखी जाएंगी लेकिन बात जब निष्पक्ष विश्लेषण की होगी तो उपलब्धियों के साथ साथ विफलताओं की भी होनी चाहिए।
शराबबंदी जैसा विफल और बेकार कानून नीतीश कुमार ही लेकर आएं। इसके चक्कर में हजारों घर परिवार कोर्ट कचहरी की दौड़ लगाते लगाते बर्बाद हो गए। सूखे नशे की लत बढ़ी।
नीतीश कुमार अपने 20 साल के राज में पलायन रोक नहीं पाए बल्कि पलायन और ज्यादा बढ़ गया। बिहार में बच्चे होश संभालते ही मजदूरी करने दूसरे राज्यों की ओर निकल पड़ते हैं, यह रिवाज आज भी कायम है।
नीतीश कुमार अपने शासनकाल में भ्रष्टाचार को नहीं रोक पाए। आज भी सरकारी कार्यालयों में बिना पैसे काम करवा लेना टेढ़ी खीर है।
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