खाली हाथ हुए नीतीश कुमार, भाजपा की नजर में सिर्फ सांसद के लायक....

राजनीति में एक महीने का वक्त काफी होता है। नीतीश कुमार जैसे नेता जो पद और कुर्सी के लिए कई बार इस गठबंधन से उस गठबंधन की छलांग लगाते रहें, वो एक महीने से राज्यसभा सांसद बन कर खुश हैं।

May 14, 2026 - 10:48
May 14, 2026 - 10:49
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खाली हाथ हुए नीतीश कुमार, भाजपा की नजर में सिर्फ सांसद के लायक....
नीतीश कुमार के फेसबुक पेज से साभार

My Opinion नीतीश कुमार को सीएम की कुर्सी छोड़े एक महीने का वक्त पूरा हो चुका है। क्या नीतीश कुमार ने सिर्फ राज्यसभा सांसद बनने के लिए अपना मुख्यमंत्री पद छोड़ दिया है ! क्या नीतीश कुमार सिर्फ सांसद बनें रहने लायक हैं ? अब सवाल तो उठेंगे क्योंकि ये वही नीतीश कुमार हैं जो आज से तीन साल पहले तक प्रधानमंत्री और उपप्रधानमंत्री के उम्मीदवार माने जा रहेे थें और आज वो सिर्फ राज्यसभा सांसद बन कर रह गए हैं। लोगों को लगा था कि मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद नीतीश कुमार केंद्र में रेल या फिर कोई महत्वपूर्ण विभाग के मंत्री बनेंगे लेकिन ऐसा कुछ होता हुआ दिखाई नहीं दे रहा है। 

राजनीति में एक महीने का वक्त काफी होता है। नीतीश कुमार जैसे नेता जो पद और कुर्सी के लिए कई बार इस गठबंधन से उस गठबंधन की छलांग लगाते रहें, वो एक महीने से राज्यसभा सांसद बन कर खुश हैं। कभी परिवारवाद और वंशवाद की राजनीति का विरोध करने वाले नीतीश कुमार अपने बेटे के बतौर मंत्री शपथ ग्रहण में दिखाई पडें नीतीश कुमार। 

नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार का हावभाव और बाॅडी लैंग्वेज पर लगातार लोग सवाल उठा रहे हैं। क्या राज्यसभा सांसदी और बेटे के मंत्री बनाने के एवज में नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री जैसा पद छोड़ दिया जबकि छह महीने पहले बिहार की जनता ने पच्चीस से तीस, फिर से नीतीश के नारे पर मुहर लगाई थी। ऐसा क्या हुआ कि तीस कौन कहे, छब्बीस भी पूरा नहीं कर सकें नीतीश...

बिहार के लोगों को नहीं बल्कि देश के लोगों को इस बात का इंतजार था कि मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद जिस तरह से नीतीश कुमार राज्यसभा जा रहे हैं तो वहां उनका इंतजार केंद्रीय मंत्री का पद कर रहा है। संभावना जताई जा रही थी कि नीतीश कुमार केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में मंत्री बनेंगे लेकिन एक महीना बीत गया और ऐसा कुछ होता हुआ दिखाई नहीं दे रहा है। संभावना तो दूर कोई सुगबुगाहट नहीं दिखाई दे रही है नीतीश कुमार के केंद्रीय मंत्री बनने की...

क्या नीतीश कुमार खुद केंद्र सरकार में मंत्री नहीं बनना चाहते हैं ! ये भी एक बड़ा सवाल है लेकिन नीतीश कुमार जैसे नेता जब तक शरीर में प्राण रहेगा तब तक राजनीति में रहेंगे। राजनीति से दूर रहने का कोई सवाल पैदा ही नहीं होता। एनसीपी प्रमुख शरद पवार और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा को देख लीजिए....उम्र के इस पड़ाव पर भी राजनीति में एक्टिव हैं। नीतीश कुमार भी लगभग इसी मिजाज के नेता हैं। 

तो क्या ये मान लिया जाए कि नीतीश कुमार ने सिर्फ राज्यसभा सांसद बनकर देश और बिहार की सेवा के लिए मुख्यमंत्री का पद छोड़ दिया है और अब वो जेडीयू का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनकर पार्टी को मजबूत करेंगे। 

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SIMRANJEET SINGH Diploma in media studies ( Ranchi ),8 years experience in news media, Political Expert Chief editor in Bihar News