मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे नीतीश, फिर भी रहेगा तगड़ा सुरक्षा घेरा, जानिए पूरी खबर
केंद्रीय गृह मंत्रालय के इस निर्णय के बाद अब नीतीश कुमार भारत के उन चुनिंदा नेताओं में शुमार हो जाएंगे जिन्हें बिना किसी बड़े पद पर रहते हुए केंद्र सरकार और राज्य सरकार के गृह मंत्रालय का व्यापका सुरक्षा कवर मिलेगा। ऐसे फैसले इस लिए जाते हैं ताकी किसी भी बड़ी हस्ती का सार्वजनिक जीवन सुरक्षित रहे।
Nitish Kumar Security नीतीश कुमार जल्द ही बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री हो जाएंगे और राज्यसभा सांसद हो जाएंगे। आम तौर पर एक मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद की सुरक्षा व्यवस्था में बहुत बड़ा फर्क होता है लेकिन नीतीश कुमार के राजनीतिक कद और लोकप्रियता को देखते हुए केंद्र सरकार ने उनकी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा निर्णय लिया है। सीएम पद से हटने के बाद भी नीतीश कुमार अब जेड प्लस सुरक्षा में चलेंगे।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नीतीश कुमार की सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए गंभीर आंकलन करने के बाद जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद नीतीश कुमार की सुरक्षा व्यवस्था में कोई कमी नहीं आएगी बल्कि इसे पहले से और ज्यादा पुख्ता बनाया जाएगा। अभी नीतीश कुमार को बतौर मुख्यमंत्री एसएसजी यानी स्पेशल सिक्योरिटी ग्रुप की सुरक्षा प्राप्त है। सामान्य रुप से सीएम पद से हटने के बाद सुरक्षा घेरे में आवश्यक्तानुसार बदलाव होता है लेकिन नीतीश कुमार इस मामले में अपवाद रहेंगे। उन्हें जेड प्लस सिक्योरिटी तो मिलेगी ही, साथ ही साथ एसएसजी की सुरक्षा भी साथ रहेगी।
केंद्रीय गृह मंत्रालय के इस निर्णय के बाद अब नीतीश कुमार भारत के उन चुनिंदा नेताओं में शुमार हो जाएंगे जिन्हें बिना किसी बड़े पद पर रहते हुए केंद्र सरकार और राज्य सरकार के गृह मंत्रालय का व्यापका सुरक्षा कवर मिलेगा। ऐसे फैसले इस लिए जाते हैं ताकी किसी भी बड़ी हस्ती का सार्वजनिक जीवन सुरक्षित रहे।
जेड प्लस Z+ सुरक्षा व्यवस्था की विशेषताएं
वैसे तो भारत में कई स्तर की सुरक्षा व्यवस्था बड़े राजनेताओं को मुहैया कराई जाती है लेकिन जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा व्यवस्था टॉप लेवल की सुरक्षा व्यवस्था मानी जाती है। इसमें एमपी 5 सबमशीन गन से लैस 55 कमांडो तैनात रहते हैं। इसमें एनएसजी कमांडो के साथ राज्य पुलिस के प्रशिक्षित जवान भी रहते हैं। इसमें 24 घंटे सुरक्षाकर्मी साये की तरह साथ रहते हैं। चाहे वो बाहर भ्रमण पर हो या फिर आवास में। जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त शख्स को बुलेटप्रूफ वाहन, एस्कॉर्ट गाड़ी और पायलट गाड़ियां भी शामिल रहती हैं।
केंद्र सरकार ने यह सुरक्षा संबंधित फैसला नीतीश कुमार के राजनीतिक कद को देखते हुए लिया है। पूर्व मुख्यमंत्री के रुप में भी नीतीश कुमार के लिए संभावित जोखिम की संभावना से कोई इंकार नहीं कर सकता। पूर्व मुख्यमंत्री, राज्यसभा सांसद और जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रुप में नीतीश कुमार को सरकार ने वीवीआईपी श्रेणी में रखा है।
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