बिहार में होगा मंत्रिमंडल विस्तार, यूजीसी विरोध के बाद कई सवर्ण विधायकों की लॉटरी लग सकती है..... जानिए विधायकों के नाम, कौन कौन बन सकता है मंत्री !
भाजपा और जदयू के कई विधायकों के नाम पहले से संभावित मंत्रियों की सूची में चल रहे थें लेकिन यूजीसी अधिनियम आने के बाद जिस प्रकार से सवर्ण जातियों का विरोध भाजपा के खिलाफ देखने को मिल रहा है, वैसे में कई सवर्ण विधायकों और विधान पार्शदों की लॉटरी लग सकती है और उन्हें मंत्री बनाया जा सकता है।
खरमास बीत गया। लंबे समय से बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा चल रही थी। खबरों के अनुसार अब जल्द ही बिहार में नीतीश कैबिनेट का विस्तार हो सकता है। कई मंत्री जल्द ही शपथ लेते हुए दिखाई दे सकते हैं। बिहार सरकार में अभी 10 मंत्रियों के पद खाली है। इनमें से 06 सीटें जदयू को तो 04 सीटें भाजपा को मिल सकती हैं। वैसे चर्चा तो यह भी थी कि एक मंत्री पद चिराग पासवान की पार्टी लोजपा रामविलास को भी मिलने की संभावना है लेकिन इसके आसार कम ही नजर आ रहे हैं।
भाजपा और जदयू के कई विधायकों के नाम पहले से संभावित मंत्रियों की सूची में चल रहे थें लेकिन यूजीसी अधिनियम आने के बाद जिस प्रकार से सवर्ण जातियों का विरोध भाजपा के खिलाफ देखने को मिल रहा है, वैसे में कई सवर्ण विधायकों और विधान पार्शदों की लॉटरी लग सकती है और उन्हें मंत्री बनाया जा सकता है। हालांकि राजनीति के जानकारों का यह भी मानना है कि सवर्णों के विरोध का कोई असर भाजपा या जदयू पर नहीं पड़ने वाला है। सवर्ण भाजपा छोड़कर कहां जाएंगे ? कांग्रेस, राजद, सपा, बसपा के साथ सवर्ण कभी नहीं जा सकता।
भाजपा किसी भी हाल में यूजीसी अधिनियम को वापस नहीं ले सकती है क्योंकि अगर ऐसा किया तो उसे पिछड़े, अति पिछड़े और दलित वर्ग की नाराजगी झेलनी पड़ सकती है। सवर्णों के मुकाबले दलितों और पिछड़ों की आबादी चार गुना है। बहरहाल हम चर्चा कर लेते हैं उन नामों की जो आने वाले समय में बिहार सरकार में मंत्री बन सकते हैं।
सबसे पहले बात भाजपा की कर लेते हैं। जैसा की हमनें आपको पहले ही बताया कि मंत्रिमंडल में भाजपा की 04 सीटें खाली हैं। भाजपा की ओर से एक कुर्मी विधायक के मंत्री बनने की संभावना है। इनमें पूर्व मंत्री कृष्ण कुमार मंटू का नाम सबसे आगे है। हालांकि अवधेश कुमार के नाम की भी चर्चा है। राजपूत कोटे से नीरज कुमार बबलू, राणा रणधीर या पूर्व मंत्री संतोष कुमार सिंह मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं।
भाजपा की ओर से ब्राह्मण कोटे से नीतीश मिश्रा या मिथिलेश तिवारी के मंत्री बनने के प्रबल आसार हैं जबकि भूमिहार कोटे से जीवेश मिश्रा एक बार पुनः राज्य सरकार में मंत्री बन सकते हैं। एक नाम भूमिहार नेता रजनीश कुमार का भी चल रहा है। वैश्य कोटे से दीघा विधायक संजीव चौरसिया का नाम भी मंत्री पद की रेस में आगे है।
कायस्थ समाज से आने वाले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के मंत्री पद से इस्तीफे के बाद उनके जगह पर संजय मयूख को मंत्री बनाया जा सकता है।
वहीं बात कर लें जेडीयू की तो वहां 06 मंत्री पद रिक्त हैं। जेडीयू राजपूत बिरादरी से रणधीर सिंह या राहुल सिंह को मंत्री बना सकती है। सवर्ण चेहरों में एक बड़ा नाम शालिनी मिश्रा का भी चल रहा है। कुशवाहा बिरादरी से उमेश सिंह कुशवाहा या श्रीभगवान सिंह कुशवाहा का नाम भी चर्चा में है। इन दोनों में से किसी एक का मंत्री बनना तय है। वहीं दलित समाज से महेश्वर हजारी या रत्नेश सदा, इन दोनों में से कोई एक मंत्री बन सकता है। वहीं एक नाम नचिकेता मंडल का भी चल रहा है जो नीतीश सरकार में मंत्री बन सकते हैं। अति पिछड़ा वर्ग में से नचिकेता मंडल, बुलो मंडल, शीला मंडल, दामोदर रावत का नाम भी मंत्री पद की रेस में है।
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