दगाबाजों को मिला इनाम, क्या ऐसे लोगों से आगे बढ़ेगा बिहार...
सीएम सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति का गठन किया गया है। इसमें डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है।
सम्राट चौधरी बिहार के मुख्यमंत्री बन गए हैं। बिहार में नए नए फैसलों की बाढ़ आई हुई है। सरकार सबको कुछ न कुछ दे रही है। इसी क्रम में पल्टी मारने वाले नेताओं को भी पुरस्कार देना शुरु कर दिया गया है। पिछले विधानसभा में राजद और कांग्रेस के पल्टी मार नेताओं को विशेष रुप से सम्मानित किया गया है। आइए, आपको पूरा मामला विस्तार से बताते हैं। इसके साथ ही आपको बताएंगे कि इन लोगों को कौन कौन सी सुविधाएं मिलने वाली हैं !
सीएम सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति का गठन किया गया है। इसमें डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। समिति के कुछ विधायकों को जगह मिली है, कुछ गैर विधायकों को तो कुछ पूर्व विधायकों को।
इस लिस्ट के बारे में जानकर हैरान रह जाएंगे आप और आपको पता चल जाएगा कि क्या कुछ चल रहा है बिहार में और कैसे लोग चला रहे हैं बिहार को !
इसमें जदयू विधायक अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी को सदस्य बनाया गया है। नीलम देवी पूर्व विधायक हैं। उन्हें इस बात का इनाम मिला है कि राजद की विधायक होते हुए उन्होंने नीतीश कुमार की सरकार का साथ दिया था। आरजेडी छोड़कर एनडीए का साथ देने वाले विधायक भरत बिंद और संगीता कुमारी को भी इस समिति का सदस्य बनाया गया है।
बागी तेवर अख्तियार किए हुए पूर्व सांसद आनंद मोहन के विधायक पुत्र चेतन आनंद को भी इस समिति में जगह दी गई है। माना जा रहा है कि आनंद मोहन के गुस्से को कम करने के लिए यह नियुक्ति की गई है। उम्मीद जताई जा रही है कि अब इसके बाद उनकी बयानबाजी समाप्त हो जाएगी।
कांग्रेस छोड़कर दूसरे खेमे में जाने वाले मुरारी प्रसाद गौतम और सिद्धार्थ सौरव को भी इस समिति में जगह दी गई है। बाकी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा भी इस समिति के उपाध्यक्ष बनाए गए हैं। दोनों ही विधायक भी हैं।
इसके अलावा ललन कुमार मंडल, प्रहलाद यादव, जगन्नाथ ठाकुर, राजेश कुमार वर्मा, भारती मेहता और चंदन कुमार सिंह को भी समिति का सदस्य बनाया गया है। प्रहलाद यादव भी कभी आरजेडी के विधायक हुआ करते थें। पलटी मारकर जेडीयू मंे गए लेकिन टिकट नहीं मिल सका। ललन सिंह ने वीटो लगा दिया लेकिन अब उनको पल्टी मारने का पुरस्कार मिल गया है।
बिहार सरकार के मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार दोनों उपाध्यक्षों अर्थात भाजपा और जदयू के प्रदेश अध्यक्षों को राज्य मंत्री का दर्जा मिलेगा जबकि बाकी के सदस्यों को उपमंत्री का दर्जा मिलेगा। जाहिर तौर पर उपमंत्री बनेंगे तो उपमंत्रियों को कई प्रकार की सुविधाएं भी मिलेंगी और इन सुविधाओं पर जो खर्च होगा, उसकी वसूली जनता से होगी। ये बात अलग है कि इन सभी लोगों से जनता को क्या फायदा होगा या जनता का कितना भला होगा... ये कोई नहीं जानता !
इसके साथ ही इस अधिसूचना में यह भी संकेत दिया गया है कि आने वाले दिनों में कुछ और लोगों को इस समिति में जगह दी जा सकती है।
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