क्या पवन सिंह लड़ेंगे बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव.... भाजपा किसे बनाएगी उम्मीदवार
पवन सिंह तो राजपूत बिरादरी से आते हैं तो क्या भाजपा इतना बड़ा रिस्क लेना चाहेगी कि कायस्थ बहुल सीट पर वह राजपूत उम्मीदवार को मैदान में उतारे। वैसे यह माना जाता है कि कायस्थ समाज जाति नहीं देखता बल्कि भाजपा को देखता है और उसके चुनाव चिन्ह कमल छाप पर वोट देता है।
भोजपुरी फिल्मों के जाने माने अभिनेता सह गायक पवन सिंह के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव लड़ने की चर्चा जोरों पर है। बांकीपुर विधानसभा सीट भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा इस्तीफा दिए जाने की वजह से खाली हुई है। अभी तक भाजपा की ओर से यह सीट कायस्थ बिरादरी को दिया जाता रहा है। माना यह भी जाता है कि बांकीपुर विधानसभा सीट कायस्थ बहुल है।
पवन सिंह तो राजपूत बिरादरी से आते हैं तो क्या भाजपा इतना बड़ा रिस्क लेना चाहेगी कि कायस्थ बहुल सीट पर वह राजपूत उम्मीदवार को मैदान में उतारे। वैसे यह माना जाता है कि कायस्थ समाज जाति नहीं देखता बल्कि भाजपा को देखता है और उसके चुनाव चिन्ह कमल छाप पर वोट देता है। ऐसे में भाजपा पवन सिंह पर दांव खेल सकती है। बांकीपुर विधानसभा सीट भाजपा के लिए बेहद सुरक्षित सीट मानी जाती है।
पवन सिंह के नाम पर चर्चा की वजह यह है कि इस सीट से प्रशांत किशोर के भी चुनाव लड़ने की खबर चल रही है। मीडिया रिपोर्ट्स यह बता रही है कि अगर राष्ट्रीय जनता दल प्रशांत किशोर को समर्थन देती है तो प्रशांत बांकीपुर सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। भाजपा किसी भी चुनाव को हल्के में नहीं लेती है। प्रशांत किशोर के मुकाबले पवन सिंह जोरदार उम्मीदवार हो सकते हैं क्योंकि पवन सिंह जबर्दस्त पॉपुलर पर्सनैलिटी बिहार के लिए हैं।
पावर स्टार पवन सिंह को भाजपा ने यंू भी काफी दिनों से आश्वासन देकर लटका रखा है। भाजपा जिस तरह से पवन सिंह और उनकी लोकप्रियता का इस्तेमाल करती है, उसका इनाम पवन सिंह को अभी तक नहीं दिया गया है। लोकसभा चुनाव में निर्दलीय चुनाव लड़कर पवन सिंह ने अपनी ताकत दिखा दी है। माना जाता है कि पॉवर स्टार पवन सिंह की वजह से ही बिहार का पूरा शाहाबाद भाजपा और एनडीए के हाथों से फिसल गया था।
बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पवन सिंह की घर वापसी हुई और उन्होंने भाजपा के लिए प्रचार किया। पवन सिंह का गाना जोड़ी मोदी आ नीतीश जी के हिट होई ने बिहार चुनाव का माहौल बदल कर रख दिया और एनडीए की प्रचंड जीत हुई आरजेडी, कांग्रेस और लेफ्ट के बड़े बड़े सूरमा चुनाव हार गए।
बिहार, यूपी, झारखंड और बंगाल के हर जिले हर इलाके में पवन सिंह के फैन मौजूद हैं। पवन सिंह को देखने के लिए किसी भी जगह हजारों लाखों की भीड़ इकट्ठी हो जाती है लेकिन भाजपा ने अभी तक पवन सिंह को पेंडुलम की तरह लटका कर रखा है। बिहार विधानसभा चुनाव के समय भी चर्चा हुई कि पवन सिंह चुनाव लड़ेगे लेकिन पवन सिंह को टिकट नहीं दिया गया। राज्यसभा चुनाव के दौरान भी पवन सिंह का नाम खूब चर्चा में रहा लेकिन वहां से भी उनका पत्ता कट गया।
अब पवन सिंह का नाम बांकीपुर विधानसभा सीट से उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार के रुप में चलाया जा रहा हैं। हालांकि भाजपा की ओर से पवन सिंह के अलावा भी कई नाम रेस में हैं। इनमें सबसे प्रमुख नाम भाजपा के निवर्तमान एमएलसी संजय मयूख का है। संजय मयूख कायस्थ समाज से आते हैं और पार्टी के वफादार कार्यकर्ता माने जाते हैं। भाजपा से जुड़े कार्यकर्ताओं की पहली पसंद तो संजय मयूख ही हैं लेकिन पवन सिंह की लोकप्रियता को भी भाजपा नजरअंदाज नहीं कर सकती है।
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