चिराग पासवान किसे बनाएंगे एमएलसी, भांजा, करीबी या बाहुबली.....
दो नामों की चर्चा बड़ी तेज हैं। इनमें एक नाम है चिराग पासवान के भांजे सीमांत मृणाल की तो दूसरा नाम है बाहुबली नेता हुलास पांडेय की।
बिहार विधान परिषद की 10 सीटों पर वोटिंग होने वाला है। उनमें से एक सीट पर उपचुनाव होगा। बताया जा रहा है कि केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास को भी इसमें एक सीट मिलने जा रही है। अब सवाल खड़ा होने लगा है कि चिराग पासवान की पार्टी में किसकी लॉटरी लगेगी ! कौन जाएगा लोजपा रामविलास से विधान परिषद...
दो नामों की चर्चा बड़ी तेज हैं। इनमें एक नाम है चिराग पासवान के भांजे सीमांत मृणाल की तो दूसरा नाम है बाहुबली नेता हुलास पांडेय की। हुलास पांडेय लोजपा रामविलास के चर्चित और समर्पित नेता हैं।
सबसे पहले बात कर लेते हैं हुलास पांडेय की। हुलास पांडेय बिहार विधानसभा 2025 में बक्सर जिले की ब्रह्मपुर सीट से लोजपा के टिकट पर चुनाव लड़ कर हार चुके हैं। उन्हें राजद के शंभूनाथ यादव ने लगभग तीन हजार वोटों के अंतर से पराजित किया था। हुलास पांडेय शाहाबाद के चर्चित नेता हैं। वो भूमिहार समाज से आते हैं। हुलास पांडेय पूर्व में भोजपुर बक्सर स्थानीय निकाय चुनाव जीत कर एमएलसी रह चुके हैं। उनके भतीजे विशांत प्रशांत वर्तमान में भोजपुर जिले की तरारी विधानसभा सीट से विधायक हैं। उनके भाई सुनील पांडेय भी विधायक रह चुके हैं। हुलास पांडेय पर कई तरह के आपराधिक मामले भी दर्ज हैं।
वहीं चिराग पासवान के भांजे सीमांत मृणाल को भी लोजपा रामविलास ने विगत विधानसभा चुनाव में टिकट दिया था। सीमांत सारण जिले की गरखा विधानसभा सीट से एनडीए के उम्मीदवार थें। उन्हें आरजेडी के सुरेंद्र राम ने लगभग 12 हजार वोटों से हराया था। सीमांत मृणाल लोजपा रामविलास के उभरते हुए नेताओं में से एक हैं। कई लोग उन्हें लोजपा रामविलास का भविष्य भी बताते हैं। वैसे सीमांत का एक परिचय यह भी है कि वो दिवंगत केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के नाती हैं। चुनावी हलफनामे के अनुसार वो बारहवीं पास हैं। सीमांत के पिता धनंजय कुमार उर्फ मृणाल पासवान राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष हैं। मतलब की समाज की सेवा और राजनीति मृणाल के डीएनए में कूट कूट कर भरा हुआ है।
ऐसे में अब चिराग पासवान के उपर ही इस बात की जिम्मेदारी है कि वो इन दोनों में से किसे विधान परिषद भेजने का निर्णय लेते हैं। वहीं इस बात की भी चर्चा हो रही है कि कहीं ऐसा न हो कि इन दोनों की जगह कोई तीसरा नेता बाजी मार ले जाए। लोजपा रामविलास से एमएलसी कौन बनेगा, यह दिल्ली दरबार से ही तय होगा। सीमांत मृणाल और हुलास पांडेय के अलावा जो नाम तीसरा नाम चर्चा में है, वो चिराग पासवान के करीबी और पार्टी के सीनियर लीडर वेद प्रकाश पांडेय का भी है।
वैसे सीमांत मृणाल के विधान परिषद में जाने की सर्वाधिक संभावना बिहार के पत्रकार जता रहे हैं। वैसे भी चिराग पासवान मामा हैं तो भांजे का भविष्य सेट करने की जिम्मेदारी भी उनके उपर है।
बता दें कि जिन 10 सीटों पर चुनाव होने हैं। उनमें से 04 सीट जेडीयू को, 03 सीट भाजपा को मिलना तय है। एक सीट उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी रालोमो को ओर एक सीट चिराग पासवान की पार्टी को भी एक सीट मिलने जा रही है। हालांकि जनाधार पर गौर करें तो चिराग पासवान की पार्टी को कम से कम दो सीट मिलनी चाहिए थी लेेकिन लोजपा रामविलास को एक सीट से ही संतोष है। चिराग पासवान ने सार्वजनिक रुप से कभी भी अतिरिक्त सीटों को लेकर कोई मांग नहीं की है।
अगर वर्तमान में बिहार विधान परिषद के गणित की बात करें तो लोजपा रामविलास का कोई भी सदस्य एमएलसी नहीं है। हालांकि चिराग पासवान के चाचा पशुपति कुमार पारस की पार्टी राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी का एक सदस्य बिहार विधान परिषद में मौजूद है।
ऐसे में लंबे अरसे के बाद बिहार विधान परिषद में लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास का कोई चिराग जलने जा रहा है। यह चिराग पासवान की पार्टी के लिए किसी उपलब्धि से कम नहीं होगा।
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