तेजप्रताप ने आरजेडी का ऑफर ठुकराया, रोहिणी के एमएलसी बनने के आसार
दरअसल बिहार विधान परिषद की 10 सीटों पर 18 जून को वोटिंग होने वाली है। इनमें से एक सीट पर उपचुनाव होगा। नामांकन की तारीख 01 से 08 जून तक निर्धारित है। गणित के हिसाब से 10 में से 09 सीटें एनडीए को मिलेगी जबकि 01 सीट महागठबंधन के खाते में जा सकता है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव ने आरजेडी के ऑफर को ठुकरा दिया है। राबड़ी देवी चाहती हैं कि तेजप्रताप यादव एमएलसी बन जाएं लेकिन तेजप्रताप यादव अपनी पार्टी जनशक्ति जनता दल से एमएलसी बनना चाहते हैं। ऐसे में लालू परिवार में मामला एक बार फिर से फंसता हुआ दिखाई दे रहा है।
दरअसल बिहार विधान परिषद की 10 सीटों पर 18 जून को वोटिंग होने वाली है। इनमें से एक सीट पर उपचुनाव होगा। नामांकन की तारीख 01 से 08 जून तक निर्धारित है। गणित के हिसाब से 10 में से 09 सीटें एनडीए को मिलेगी जबकि 01 सीट महागठबंधन के खाते में जा सकता है।
अब इसी सीट के लिए आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की इच्छा है कि उनके बड़े बेटे तेजप्रताप यादव एमएलसी बन जाएं। राजद के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी यादव भी इस बात पर सहमत हो गए थें लेकिन तेजप्रताप यादव अपनी पार्टी जेजेडी यानी जनशक्ति जनता दल के बैनर पर एमएलसी बनना चाहते हैं। तेजस्वी यादव इसके लिए तैयार नहीं है। तेजस्वी चाहते हैं कि तेजप्रताप आरजेडी के बैनर तले विधान परिषद जाएं।
बता दें कि इसी बीच लालू प्रसाद यादव सिंगापुर जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि लालू रुटीन हेल्थ चेकअप के लिए सिंगापुर जा रहे हैं। सिंगापुर में लालू अपनी बेटी रोहिणी आचार्य के घर पर रुकेंगे। रोहिणी विधानसभा चुनाव के बाद से ही अपने परिवार से नाराज चल रही हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार लालू प्रसाद यादव इस दौरान अपनी बेटी रोहिणी को मनाने का भी प्रयास करेंगे।
अगर तेजस्वी यादव, तेजप्रताप यादव के नाम पर सहमत नहीं होते हैं तो संभावना जताई जा रही है कि रोहिणी आचार्य एमएलसी बन सकती हैं। कहा जा रहा है कि एमएलसी की यह इकलौती सीट लालू परिवार अपने पास ही रखेगा। आरजेडी के दो विधान पार्षदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। इनमें से एक तो राबड़ी देवी के मुंहबोले भाई सुनील कुमार सिंह हैं तो दूसरे मोहम्मद फारुक।
दो दिनों पहले गाजियबाद में जब तेजस्वी यादव के बेटे का जन्मदिन मनाया गया तो तेजप्रताप यादव इस कार्यक्रम में बड़े एक्टिव रुप से दिखाई पड़ें जबकि रोहिणी आचार्य इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हुईं। रोहिणी ने वर्ष 2024 में सारण लोकसभा सीट से चुनाव भी लड़ा था और बेहद कम वोटों से वो चुनाव हार गईं थीं।
विधानसभा चुनाव में आरजेडी करारी हार के बाद रोहिणी आचार्या ने तेजस्वी यादव की टीम पर सवाल उठाए थें और अपनी नाराजगी को सार्वजनिक रुप से व्यक्त किया था। रोहिणी आचार्या सोशल मीडिया पर एक्टिव रहती हैं और भाजपा एनडीए को घेरती रहती हैं लेकिन परिवार से उनकी नाराजगी इतनी है कि विधानसभा चुनाव के बाद वो अब तक लौट कर राबड़ी आवास नहीं आईं हैं।
मिला जुलाकर यह तय है कि आरजेडी को जो एक एमएलसी की सीट मिलनी है वो परिवार के अंदर ही किसी को मिलने जा रही है। आरजेडी के नेता अनौपचारिक बातचीत में बताते हैं कि यह सीट तेजप्रताप यादव को ही मिलेगी। उनकी मां राबड़ी देवी तेजप्रताप यादव को सदन में देखना चाहती हैं। यह अलग बात है कि तेजप्रताप यादव इन दिनों लगातार भाजपा के पक्ष में बात करते हैं। भाजपा का समर्थन करते हैं।
अगर तेजप्रताप यादव आरजेडी के वोटों से एमएलसी बनते हैं तो आरजेडी की विचारधारा का अचार लगना तय है। परिवारवाद के आरोपों से तो वैसे भी लालू परिवार को आजीवन जूझना है लेकिन रोहिणी आचार्य चाहे जितनी भी नाराज हो, उन्होंने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रुप से कभी भाजपा का समर्थन नहीं किया है जबकि इसके ठीक उलट तेजप्रताप यादव सदैव भाजपा के पक्ष में बात करते हैं।
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