50 लाख करोड़ के निवेश का लक्ष्य, बिहार बनेगा देश का नया ग्रीन एनर्जी हब
बिहार सरकार ने अगले 05 सालों में ग्रीन एनर्जी हब बनाने के लिए 50 लाख करोड़ रुपये के निजी निवेश का लक्ष्य निर्धारित किया है।
देश समेत बिहार में बढ़ रहे उर्जा संकट, जलवायु में बदलाव और कार्बन उत्सर्जन भले ही कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं हो लेकिन इसकी चिंता सरकार को जरुर सता रही है। यही वजह है कि बिहार सरकार ने अगले कुछ सालों में बिहार को हरित उर्जा का केंद्र बनाने का लक्ष्य निर्धारित कर लिया है। बिहार में उर्जा को स्वच्छ और विकास को स्थाई बनाने के लिए बिहार सरकार संकल्पित है।
बिहार के उद्योग मंत्री डॉ दिलीप जायसवाल ने स्पष्ट किया है कि निकट भविष्य में नवीकरणीय उर्जा, विशेष रुप से सौर उर्जा को बिहार के आर्थिक और औद्योगिक विकास की रीढ़ बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य को हरित उर्जा का हब बनाने के लिए बिहार सरकार ने ठोस पहल शुरु कर दी है।
उद्योग मंत्री सौर उर्जा और उर्जा भंडारण विषय पर आयोजित एक दिवसीय संगोष्ठी में बोल रहे थें। इस संगोष्ठी में सरकार, उर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञ और उद्योग जगत के प्रतिनिधि भी मौजूद रहें।
इस अवसर पर उद्योग मंत्री डॉ दिलीप जायसवाल ने कहा कि बिहार सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता यहां के युवाओं के लिए रोजगार सृजन करना है। राज्य सरकार की नीतियों की वजह से बिहार औद्योगिक विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री के सात निश्चय पार्ट 3 का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि इसके तहत समृद्ध उद्योग, सशक्त बिहार के संकल्प को विशेष महत्व दिया गया है। इसी कड़ी में प्रदेश की सरकार नवीकरणीय उर्जा को प्रोत्साहित कर औद्योगिक ईकाईयों को सस्ती,स्वच्छ और टिकाउ बिजली उपलब्ध कराने की योजना पर काम कर रही है।
वहीं मंत्री ने कहा कि अगले पांच सालों में बिहार में 50 लाख करोड़ रुपये के निजी निवेश का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम निदेशालय को इस बात के लिए निर्देशित किया गया है कि छोटे और मध्यम उद्योगों को मजबूती दिया जाए। लोकल उत्पादां के विक्रय, विपणन और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए बिहार विपणन प्रोत्साहन निगम गठित किया गया है ताकी रोजगार और अर्थव्यवस्था को मजबूती दिया जा सके।
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