Bihar: पटरी पर दौड़ती ट्रेन अचानक दोगुनी हुई! इंजन दूर जा गिरा—क्यों टूटी बेंगलुरु स्पेशल, क्या बड़ी चूक?
Bihar: शनिवार की शाम पटना–आरा–डीडीयू रेल सेक्शन पर एक बड़ा हादसा टल गया। दानापुर से बेंगलुरु जाने वाली 03241 बेंगलुरु सिटी स्पेशल ट्रेन अचानक चलती हुई
Bihar: शनिवार की शाम पटना–आरा–डीडीयू रेल सेक्शन पर एक बड़ा हादसा टल गया। दानापुर से बेंगलुरु जाने वाली 03241 बेंगलुरु सिटी स्पेशल ट्रेन अचानक चलती हुई दो हिस्सों में बंट गई। यह घटना आरा जंक्शन से आगे करिशात रेलवे स्टेशन के पास हुई, जिसने यात्रियों में दहशत फैला दी। ट्रेन तेज गति से चल रही थी, तभी अचानक एक जोरदार झटका लगा और डिब्बे एक-दूसरे से अलग हो गए। सामने वाला हिस्सा इंजन सहित काफी दूर जाकर रुक गया, जबकि पीछे की लंबी लाइन के कोच वहीं ट्रैक पर रह गए। इस दौरान ट्रेन में बैठे यात्रियों में चीख-पुकार मच गई और कई यात्री घबराकर तुरंत दरवाजे की ओर भागने लगे।
रेल सूत्रों के अनुसार, ट्रेन आरा स्टेशन से निकलकर बक्सर की ओर तेज रफ्तार से बढ़ रही थी। इसी दौरान करिशात स्टेशन के पास कपलिंग (Coupling) अचानक टूट गई, जो दो डिब्बों को जोड़कर रखती है। कपलिंग टूटते ही ट्रेन एक जोरदार झटके के साथ दो हिस्सों में बंट गई। इंजन और आगे के कुछ कोच करीब 500 मीटर तक आगे बढ़ गए। हालांकि, अनुभवी लोको पायलट ने तुरंत कुछ गड़बड़ी महसूस की और इमरजेंसी ब्रेक लगाकर इंजन को रोक दिया। बताया जा रहा है कि अगर ट्रेन की रफ्तार कुछ ज्यादा होती, तो यह घटना बेहद खतरनाक हादसे का रूप ले सकती थी। पीछे छोड़ दिए गए कोचों में बैठे यात्रियों ने बताया कि उन्हें लगा जैसे ट्रेन पटरी से उतरने वाली है, जिससे कई लोग दहशत में बाहर झांकने लगे।
पटना–डीडीयू मार्ग पर कई ट्रेनें प्रभावित
घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी और तकनीकी टीमें मौके पर पहुंच गईं। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अप लाइन पर ट्रेनों की आवाजाही तुरंत रोक दी गई, जिसके चलते पटना–डीडीयू रूट पर कई ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई। तकनीकी टीमों ने कपलिंग टूटने की वजहों की जांच शुरू कर दी और राहत–मरम्मत कार्य को युद्धस्तर पर शुरू किया। लगभग दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद इंजिन को पीछे ले जाकर बाकी कोचों से जोड़ा गया। इस दौरान यात्रियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा, क्योंकि कई लोग ट्रेन से उतरकर खुले ट्रैक पर खड़े रहे। रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त कर्मचारी भी तैनात किए।
समय रहते कार्रवाई से टला बड़ा हादसा, उठे सुरक्षा पर सवाल
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि लोको पायलट की समय रहते सतर्कता ने एक बड़े हादसे को टाल दिया। अगर ट्रेन की गति और अधिक होती, तो डिब्बों के अलग होने से पलटने या बड़े नुकसान की आशंका थी। मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद धीरे-धीरे ट्रेनों का संचालन बहाल किया गया और यात्री अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए। हालांकि इस घटना ने एक बार फिर रेलवे सुरक्षा और तकनीकी निरीक्षण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों ने भी रेलवे से नियमित तकनीकी जांच को और बेहतर करने की मांग की है, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके। इस पूरे घटनाक्रम ने यात्रियों को दहला दिया, लेकिन समय पर कार्रवाई ने कई जिंदगियों को बचा लिया।
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