होली की रात करें ये उपाय, मां लक्ष्मी की विशेष कृपा से आर्थिक तंगी से मिलेगी मुक्ति
आप कभी भी होलिका दहन के स्थान पर जाएं। वहां की अग्नि से जो लपटे निकलती हैं, उससे स्वतः एहसास होता है कि नकारात्मक उर्जा और बाधाएं दूर जा रही हैं। ऐसे में होलिका दहन के दिन किए गए उपाय आपके जीवन में भी रंग भर सकते हैं।
हिंदू परंपरा में होली का त्योहार सिर्फ रंगों का पर्व नहंी होता बल्कि इसे धार्मिक, पौराणिक और तांत्रिक दृष्टिकोण से भी काफी अहम माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के विशेषज्ञों के अनुसार होलिका दहन की रात वर्ष भर की सर्वाधिक शक्तिशाली रात्रियों में से एक होती है। जिस तरह से दीपावली की रात को साधना और तंत्र मंत्र के लिए विशेष माना जाता है, उससे थोड़ा कम ही लेकिन होलिका दहन की रात भी महत्वपूर्ण होती है।
आप कभी भी होलिका दहन के स्थान पर जाएं। वहां की अग्नि से जो लपटे निकलती हैं, उससे स्वतः एहसास होता है कि नकारात्मक उर्जा और बाधाएं दूर जा रही हैं। ऐसे में होलिका दहन के दिन किए गए उपाय आपके जीवन में भी रंग भर सकते हैं।
वर्ष 2026 में होली का त्योहार 4 मार्च 2026 को मनाया जाएगा। होली के त्योहार पर आप आनंद लें, रंगों में सराबोर हो जाएं, यह हमारी शुभकामना है लेकिन अगर आप काफी समय से आर्थिक रुप से परेशान चल रहे हैं। परिवार में आर्थिक तंगी का माहौल है। धन आता है लेकिन ठहरता नहीं है। संपत्ति विवाद चल रहे हैं। कर्ज बढ़ता जा रहा है। बिजनेस में नुकसान ही नुकसान हो रहा है तो होलिका दहन के दिन आप कुछ विशेष उपाय करें जिससे आपकी बाधाएं दूर हो। मां लक्ष्मी की कृपा हो और आप आर्थिक रुप से संपन्न हो जाएं।
होलिका की राख और चांदी का सिक्का: होलिका की अग्नि और उसका राख शुभ फलदायक होता है। कहते हैं कि होलिका की अग्नि में नकारात्मक उर्जा को नष्ट करने की शक्ति होती है। होलिका दहन के अगले दिन यानी होली की सुबह भस्म को अपने घर में लेकर आएं। एक लाल या पीले रेशमी वस्त्र में एक चांदी के सिक्के के साथ इसे पोटली बना लें। इस पोटली को अपने घर की तिजोरी या दुकान के गल्ले में शुद्ध मन से स्थापित कर दें। पोटली को बनाते समय और इसे स्थापित करते समय अपने इष्ट का ध्यान करें। यह घर परिवार और कारोबार में माता लक्ष्मी का वास कराता है। इससे आर्थिक परेशानियां दूर होती है। बेवजह के नुकसान बंद होते हैं।
सूखा नारियल, पीली सरसो, कपूर और काला तिल: एक सूखा नारियल लें। उसके ठीक बीच में छेद कर लें। उसमें कपूर, सरसो और काला तिल भर दें। होलिका दहन की अग्नि की 07 बार परिक्रमा करें। मन में माता महालक्ष्मी का ध्यान करते हुए अपने मन की इच्छाओं और भावनाओं को कहें। 07 परिक्रमा के बाद उस नारियल को होलिका की अग्नि में समर्पित कर दें। मान्यता है कि इस उपाय को करने से आमदनी के नए स्त्रोत बनते हैं। ग्रहों के दोष और बाधाएं दूर होती हैं।
काली हल्दी, गंगाजल और सिंदूर: तंत्र क्रियाओं में काली हल्दी को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। होलिका दहन की मध्य रात्रि को काली हल्दी, सिंदूर और गंगाजल मिलाकर तिलक करें। खुद भी तिलक करें और अपने परिजनों को भी करें। माता लक्ष्मी का ध्यान करें। 108 बार माता लक्ष्मी के बीज मंत्र का जाप करें। इससे फंसे हुए धन संपत्ति वापस मिलने का उपाय माना जाता है। परिजनों का बुद्धि विवेक ठीक रहता है। परिवार में एकता रहती है। कारोबार की बाधाएं दूर होती हैं।
उपरोक्त वर्णित सभी उपाय करने के दौरान अपने अंतःकरण को शुद्ध और सात्विक बनाए रखें। परम पिता परमेश्वर के प्रति आस्था ओर श्रद्धा किसी भी उपाय को शीघ्र फलदायक बनाते हैं।
वैदिक पंचांग के अनुसार होली की रात किए गए ये सात्विक उपाय श्रद्धा और विश्वास के साथ करने पर शीघ्र फल प्रदान करते हैं। दीपावली के समान ही यह रात तंत्र.मंत्र और साधना के लिए सिद्धिदायक मानी गई है।
DISCLAIMER : नोट: ये सभी उपाय धार्मिक मान्यताओें पर आधारित हैं। इनका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
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