भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में नया विवाद, स्मारक स्थल बनाने पर लगी रोक

आरा में भरत भूषण तिवारी मामले में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। उनके प्रस्तावित स्मारक निर्माण पर प्रशासन ने रोक लगा दिया है। इसके बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ने लगी है। जानिए पूरा मामला...

Jun 30, 2026 - 16:21
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14 दिन गुजर गए भरत तिवारी के एनकाउंटर को लेकिन हर दिन कोई न कोई नया मामला इससे संबंधित सामने आता ही जा रहा है। अब इस मामले में एक और नई बात सामने आई है। एक ओर जहां पर स्थानीय जनता और परिवार के लोग इंसाफ को लेकर आवाज उठा रहे हैं और दूसरी ओर प्रशासन अपनी कार्रवाई और जांच प्रक्रिया में निरंतर लगा हुआ है। 

24 जून को भरत तिवारी को इंसाफ दिलाने के लिए महापंचायत बुलाया गया था। जहां पर लोगों ने उनकी स्मृति में स्मारक बनाने का निर्णय लिया था लेकिन अब इस प्रस्तावित स्मारक पर प्रशासन ने रोक लगा दी है। रोक लगाने के पीछे जमीनी विवाद को असली वजह बताई जा रही है। कहा जा रहा है कि जहां पर भरत तिवारी का एनकाउंटर हुआ था, वहां पर स्मारक निर्माण के लिए ईंट आदि रखे जा चुके हैं। प्रशासन को इस पर आपत्ति है।

भोजपुर जिले के शाहपुर के सीओ आनंद प्रकाश ने साफ तौर पर कहा है कि जिस जमीन पर निर्माण कार्य शुरु किया गया है, वह बिहार सरकार की भूमि हैै ऐसे में बिना एनओसी वहां पर किसी भी प्रकार का निर्माण नियमों के खिलाफ है। बिहार सरकार की जमीन पर किसी भी प्रकार का निर्माण होगा तो उसे रोका जाएगा। 

वहीं इस स्मारक के निर्माण का लेकर सरकार ही नहीं बल्कि निजी जमीन के मालिकों ने भी आपत्ति जताई है। निजी पक्ष का कहना है कि स्मारक को सड़क के बीच मे बनाया जाए और सड़क का विस्तार उनकी जमीन की ओर कर दिया जाए। अब इस दो तरह की आपत्ति के बीच यहां पर निर्माण कार्य पूर्ण रुप से ठप हो गया है। मिली जानकारी के अनुसार पहले यहां पर संगमरमर का चबूतरा तैयार किया जाना था और उसके बाद उसी स्थान पर भरत तिवारी का सफेद संगमरमर की आदमकद प्रतिमा की स्थापना होनी थी। इस स्मारक स्थल को आकर्षक और ऐतिहासिक बनाने की योजना थी ताकी वहां पर लोगों का आगमन हो और लोग वहां पर आकर श्रद्धांजलि अर्पित कर सकें। 

परिजनों के अनुसार इस स्मारक के निर्माण का पूरा खर्च उत्तराखंड के संत स्वामी आनंद स्वरुप महाराज द्वारा वहन किया जा रहा है। स्वमाी जी ने बिलौटी पहुंच कर भरत तिवारी के परिजनों से मुलाकात की थी और प्रस्तावित स्मारक पर प्रतिकात्मक रुप से पहली ईंट रखी थी। 

जहां पर भरत तिवारी को गोली मारी गई लोग उस स्थान को मिट्टी को चूम रहे है और यहां के स्थान को नमन कर रहे हैं। वहीं इस मामले में स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर यहां पर जमीन से जुड़े हुए विवादों को समाप्त कर दिया जाता है कि स्मारक बन जाने के बाद यह स्थान एक प्रमुख स्थल बन सकता है।

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SIMRANJEET SINGH Diploma in media studies ( Ranchi ),8 years experience in news media, Political Expert Chief editor in Bihar News