RJD ने मचाया हड़कंप, शिक्षा विभाग में घोटाला ! सांसद सुधाकर सिंह के दावों में कितना दम, जानिए विस्तार से
राष्ट्रीय जनता दल के सांसद सुधाकर सिंह ने बिहार की राजनीति में भूचाल मचा दिया है। सुधाकर सिंह ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी आनंद किशोर और पूर्व मुख्य सचिव दीपक कुमार पर अरबों रुपये के घोटाले का आरोप लगायाा है। सुधाकर सिंह ने पूरे मामले की जांच की मांग कर तहलका मचा दिया है।
बिहार सरकार पर एक बार फिर से बड़े विवाद में फंस सकती है। मुख्य विपक्षी पार्टी आरजेडी ने सम्राट चौधरी की सरकार को घेरने का पूरा प्लान बना लिया है। बक्सर से राष्ट्रीय जनता दल के सांसद सुधाकर सिंह ने सीनियर आईएएस अधिकारी आनंद किशोर पर कई तरह के आरोप लगाए हैं। सुधाकर सिंह एक तेजतर्रार सांसद हैं। वो अपने कड़े तेवर के साथ ही तथयों, तर्को और आंकड़ों के साथ सरकार को घेरने के लिए जाने जाते हैं।
मीडिया से बातचीत के दौरान सुधाकर सिंह ने दावा किया है कि बिहार का शिक्षा विभाग आकंठ भ्रष्टाचार में डूबा हुआ है। उन्होंने कहा कि कई सालों से बिहार के शिक्षा विभाग में बड़े स्तर पर घपले घोटाले हो रहे हैं। इसके लिए उन्होंने आईएएस आनंद किशोर को जिम्मेदार ठहराया है।
सांसद सुधाकर सिंह ने कहा कि आनंद किशोर ही बिहार के सबसे बड़े माफिया हैं। बिहार की शिक्षा व्यवस्था को ध्वस्त करने और बर्बाद करने में आनंद किशोेर की सबसे बड़ी भूमिका है। आज जो बिहार में घोटालों का पूरा नेटवर्क खड़ा हो चुका है, उसमें सबसे बड़ी भूमिका आनंद किशोर की रही है। आरजेडी सांसद ने कहा कि बीते दस सालों में जो परीक्षाओं में धांधली होती आ रही है और जो टॉपर घोटाले हुआ वो भी इसी का हिस्सा है।
सांसद यहीं नहीं रुकें, उन्होंने इस दौरान टेंडर घोटाले और रिशु श्री के मामलों का भी जिक्र किया और कहा कि घोटालेबाज रिशु श्री को सबसे पहले सरकारी टेंडर दिलाने का काम आनंद किशोर ने ही किया था। इसके बाद से ही सारा घपला घोटाला शुरु हुआ। सुधाकर सिंह ने कहा कि इसी टेंडर के बाद शिक्षा विभाग में बड़े पैमाने पर पैसों की हेराफेरी शुरु हुई। सुधाकर सिंह ने फिलहाल कोई कागजी दस्तावेज सबूतों के तौर पर सामने नहीं रखे हैं लेकिन सुधाकर सिंह के होमवर्क पर कोई अंगुली नहीं उठा सकता। यह माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में सुधाकर सिंह कागजी दस्तावेजों और सबूतों के साथ मीडिया के सामने आ सकते हैं। बहरहाल सुधाकर सिंह के आरोपों ने नया मामला उठा कर बिहार की सम्राट चौधरी सरकार को नई परेशानी में डालने का पूरा इंतजाम कर लिया है।
आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह के आरोपों की बौछार सिर्फ आईएएस आनंद किशोर तक ही सीमित नहीं रही। इसके बाद सुधाकर सिंह के रडार पर एक और आईएएस दीपक कुमार भाी आए। बिहार के पूर्व मुख्य सचिव और पूर्व सीएम नीतीश कुमार के बेहद खास अधिकारी दीपक कुमार भी कई गंभीर आरोप लगाए हैं। दीपक कुमार को घेरते हुए सुधाकर सिंह ने कहा कि आनंद किशोर को दीपक कुमार का पूरा सहयोग और समर्थर प्राप्त है।
सांसद सुधाकर सिंह ने मांग की है कि आनंद किशोर सहित बिहार के नौ आईएएस अफसरों की भूिमका की निष्पक्ष तरीके से जांच होनी चाहिए। सुधाकर सिंह ने दावा किया है कि इस घोटाले के जरिए अरबों खरबों रुपये की चोरी की गई है। घोटाले से अर्जित किए गए पैसों को विदेशों में निवेश किया गया है।
सांसद सुधाकर सिंह ने सम्राट चौधरी की सरकार को चैलेंज करते हुए कहा कि अगर बिहार की सरकार उनके खिलाफ कोर्ट का रुख अपनाना चाहती है तो जा सकती है क्योंकि उनके पास अपने आरोपों को साबित करने और सच्चाई बताने के लिए पर्याप्त सबूत हैं। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि इस पूरे मामले की जांच चारा घोटाले की तरह सीधे कोर्ट की निगरानी में होनी चाहिए। सुधाकर सिंह ने आरोप लगाया कि बिहार की सरकार भ्रष्टाचारियो और घोटालेबाजों पर कार्रवाई की जगह उन्हें बचाने का प्रयास कर रही है।
बता दें कि सुधाकर सिंह से पहले बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और आरजेडी के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी यादव भी टेंडर घोटाले और रिशु श्री प्रकरण को लेकर बिहार सरकार को घेर चुके हैं। अब जिस तरह से विपक्ष के नेता इस मामले को उठा रहे हैं, उससे लगता है कि आने वाले समय में यह मामला तूल पकड़ सकता है। हालांकि इस मामले में बिहार की मीडिया उस तरह से इसे नहीं उठा रही है जैसे इसे उठाना चाहिए था क्योंकि ये घोटाले और इन घोटाले से जुड़े आरोप साधारण नहीं हैं। सरकार के खजाने को चूना लगाया है। जनता के पैसे की लूट हुई है। मीडिया को तो इस मामले में खोजी पत्रकार बनकर कई तरह के सबूत जुटाने में विपक्ष की मदद करनी चाहिए थी लेकिन वहां सन्नाटा छाया हुआ है। जाति और धर्म में जनता को इतना बांट दिया गया है कि जनता के लिए ये सब अब कोई मुद्दा हीं नहीं रह गया है।
फिर भी, विपक्ष के नेता के रुप में तेजस्वी यादव और सांसद सुधाकर सिंह ने जिस तरह से इस मामले को उठाया है, वो सराहनीय है लेकिन सिर्फ मीडिया को बुलाकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने से क्या हो जाएगा ! विपक्ष को चाहिए कि इस मामले को लेकर वो सड़क पर उतरे। चरणबद्ध आंदोलन करे तब जाकर जनता के बीच भी मैसेज जाएगा और दोषियों पर कार्रवाई को लेकर सरकार पर दबाव बनेगा।
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